ऊना,सुशील पंडित: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना में एआईसीटीई क्वालिटी इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम फॉर पोस्टग्रेजुएट फैकल्टी (AICTE QIP-PG) सर्टिफिकेशन प्रोग्राम – फेज़-I के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं मशीन लर्निंग विषय पर छह माह के हाइब्रिड प्रमाणन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
31 जुलाई 2026 से शुरू होकर दिसंबर 2026 तक चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य गैर-कंप्यूटर साइंस पृष्ठभूमि के संकाय सदस्यों को एआई एवं मशीन लर्निंग की मूलभूत समझ और व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है, ताकि वे इन तकनीकों का उपयोग शिक्षण, अनुसंधान और अंतर्विषयक कार्यों में प्रभावी रूप से कर सकें। कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से 41 संकाय सदस्यों ने नामांकन कराया है, जो उभरती एआई प्रौद्योगिकियों में क्षमता निर्माण के प्रति बढ़ती राष्ट्रीय रुचि को दर्शाता है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्रशिक्षण
इस हाइब्रिड कार्यक्रम में ऑनलाइन शिक्षण के साथ संस्थान परिसर में गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। पाठ्यक्रम में निम्न विषय शामिल किए गए हैं:
डेटा स्ट्रक्चर्स एवं एल्गोरिद्म
कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग
इंजीनियर्स के लिए डेटा साइंस
डीप लर्निंग एवं लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs)
विशेषज्ञों के व्याख्यानों के अलावा प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन सत्रों और प्रायोगिक परियोजनाओं के माध्यम से वास्तविक इंजीनियरिंग समस्याओं के समाधान में एआई तकनीकों के उपयोग का अनुभव भी मिलेगा।
निदेशक प्रो. मनीष गौर ने क्या कहा
आईआईआईटी ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज लगभग सभी विषयों की आधारभूत तकनीक बनकर उभर रही है। ऐसे में शिक्षकों के लिए समय-समय पर अपने ज्ञान और कौशल का उन्नयन करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि एआईसीटीई क्यूआईपी-पीजी जैसे कार्यक्रम संकाय सदस्यों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अंतर्विषयक अनुसंधान तथा बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ. अंकुर कुमार कर रहे हैं समन्वयन
कार्यक्रम का समन्वयन आईआईआईटी ऊना के एसोसिएट डीन (शैक्षणिक) डॉ. अंकुर कुमार द्वारा किया जा रहा है। संस्थान ने कार्यक्रम के सफल शुभारंभ में स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग के अध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय सिंह तथा स्कूल ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स के अध्यक्ष डॉ. नमन गर्ग के सहयोग और योगदान की भी सराहना की है।
क्षमता निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
आईआईआईटी ऊना ने कहा कि एआईसीटीई क्यूआईपी-पीजी प्रमाणन कार्यक्रम जैसी पहलें उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में संकाय विकास और क्षमता निर्माण को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। संस्थान गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने और देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए सक्षम शैक्षणिक वातावरण विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता को लगातार आगे बढ़ा रहा है।

