चंडीगढ़ः पंजाब में फार्मेसी पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने शहीद भगत सिंह को याद करते हुए कहा कि जब उन्हें फांसी होनी थी तो आखिरी समय में भी उनके हाथों में किताब थी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह पंजाब की पहचान है। उन्होंने कहा कि माना कुछ समय पहले पंजाब पर काले बादल छाए थे और उस दौरान पंजाब को उड़ता पंजाब कहा जा रहा था, लेकिन अब पढ़ता पंजाब हमारी पहचान है। हमने केरल जैसे राज्य को पछाड़ा और पंजाब पढ़ाई में नंबर वन बना। उन्होंने कहाकि मुझे भले ही गलत कहो, लेकिन वह राज्य के बारे में गलत नहीं सुन सकता।
आज का समय जेन जी का है। दुनियां में पंजाबियों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह इसे नाकाम करेंगे। इस दौरान उन्होंने विपक्षी पार्टी पर जमकर निशाने साधे। उन्होंने कहा सभी पार्टियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक झूठ बोलने के लिए वह आभार व्यक्त करते है। केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि एक झूठ को 100 बार बोल लो, लेकिन वह सच नहीं बनता। पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने आकंड़े नीति आयोग के जारी किए और बताया कि पंजाब पढ़ाई में नंबर वन बना है और उसने केरल को पछाड़ा है।
पंजाब में हजारों बच्चे नीट पेपर की परीक्षा दे रहे है। हाल ही में 88 बच्चे पास हुए है। अभी तक किसी ओर राज्य ने डाटा जारी नहीं किया है। 2021 में 82 बच्चों ने नीट की परीक्षा पास की थी, लेकिन इस साल 882 बच्चों ने परीक्षा पास की है। ऐसे में इसका डाटा भी अगर किसी को चाहिए तो वह उन्हें दे सकते है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिस यूनिवर्सिटी में पेपर लीक की बात हो रही है, उसके बारे में जानने के बाद सबकी आंखे खुल जाएगी। हरियाणा के भिवानी शहर का जिक्र करते हुए सीएम नायाब सैनी पर निशाना साधा और कहाकि वह पंजाब में आज कर मिल रहे है। वहीं भिवानी का जिक्र करते हुए कहा कि लाइफ चिटिंग का मास्टर माइंड वहां रहता है और बच्चों के फार्म भरता है और लाखों नौजवानों के सपने तोड़ रहा है।
ऐसे में अब उसको लगा कि बिजनेस को फैलाया जाए। ऐसे में उसने फिरोजपुर के साइबर सेंटर संपर्क किया और फ्रैचाइज खोली। लेकिन मान सरकार की पुलिस ने बढ़िया तरीके से काम किया। इस मामले में डीआईजी ने 19 जुलाई को हुए पेपर लीक को लेकर खुलास किया। उन्होंने कहाकि तीन विंग दोबारा सांझा ऑपरेशन किया गया। ऐसे में अब तक 10 हैंडलर को गिरफ्तार किया। इसके अलावा 25 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। डीआईजी ने कहा कि 13 लोगों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 8 हैंडलर हरियाणा और राजस्थान से संबंधित है और 5 पंजाब से संबंधित है। इस दौरान जांच में पाया गया कि यह पेपर लीक का मामला नहीं है और ना ही किसी यूनिवर्सिटी की भूमिका सामने आई है।

