नई दिल्ली: लोकसभा और फिर राज्यसभा में परीक्षा संशोधन विधेयक पास होने के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी किया है। वीडियो में पीएम मोदी ने पेपर लीक माफियाओं को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से मजबूत और पारदर्शी बनाने के संकल्प पर जोर दिया गया है।
बिल पास होने को बताया ऐतिहासिक पल
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने इस बिल के पास होने को देश के लिए एक ऐतिहासिक पल बताया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए देश को मिलाकर आगे बढ़ना और परीक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए अभी कई और कदम उठाए जाएंगे।
पेपर लीक माफियाओं को दिया गया सख्त संदेश
जारी किए गए वीडियो में पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार पेपर लीक करने वाले आपराधियों और गिरोहों को किसी भी कीमत पर बख्शेगी नहीं और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाएंगे। इसके अलावा पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए हम सभी को मिलकर आगे बढ़़ना होगा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना होगा।
देश में दशकों से पेपर लीक की होगी समस्याएं
पीएम मोदी ने वी़डियो में यह बताया है कि देश में केंद्र और राज्य स्तर पर दशकों से पेपर लीक की समस्याएं चली आ रही थी। इसके चलते परीक्षा सुधार लाना बेहद जरुरी हो गया था। उन्होंने कहा कि हमने संसद में यह बिल पेश किया था। जैसा कि मैंने वादा किया था संसद के दोनों सदनों में भारी संख्या में संसदों की मौजूदगी और विस्तृत चर्चा के बाद इसे पारित कर दिया गया है।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि अब इस बिल के दोनों सदनों में भारी संख्या में सांसदों की मौजूदगी और विस्तृत चर्चा के बाद इसे पारित कर दिया गया है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि अब इस बिल के दोनों सदनों से पास होने के बाद एक भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार इसी तरह की स्थिति को ज्यादा समय तक टिकने नहीं देगी।
संसद की मुहर लग गई
सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक-2026 पर गुरुवार को संसद की मुहर लग गई है। विपक्ष के वॉकऑउट करने के बाद राज्यसभा से पास हो गया है। पेपर लीक समेत परीक्षाओं में गड़बड़ियों की तुरंत जांच और मुकदम के साथ ही सजा में सख्ती लाने वाले इस विधेयक को लोकसभा ने बुधवार को ही पारित कर दिया था। अब इस राष्ट्रपति की स्वीकृति ही बाकी रह गई है। दिन में जब केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने विधेयक पेश करते हुए इसके प्रविधानों को ब्योरा दिया है। विपक्षी संसदों ने बैठे-बैठे ही नारेबाजी और टिप्पणियां शुरु कर दी है।

