बेकार वस्तुओं से बनाई आकर्षक कलाकृतियां, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को किया सम्मानित
ऊना सुशील पंडित : उपमंडल बंगाणा के डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, लठियाणी में विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, रचनात्मक सोच और संसाधनों के सदुपयोग की भावना विकसित करने के उद्देश्य से कक्षा तीसरी से पाँचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ (बेकार वस्तुओं से उपयोगी वस्तुओं का निर्माण) गतिविधि का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया,इस रचनात्मक कार्यक्रम विद्यार्थियों ने अनुपयोगी एवं बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं को आकर्षक, उपयोगी और कलात्मक वस्तुओं में बदलकर अपनी प्रतिभा, कल्पनाशीलता और नवाचार का शानदार प्रदर्शन किया।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पुराने प्लास्टिक की बोतलों, कार्ड बोर्ड,अखबार, गत्ते, आइसक्रीम स्टिक, बेकार डिब्बों, रंगीन कागज तथा अन्य अनुपयोगी सामग्री का उपयोग करते हुए सुंदर फूलदान, पेन स्टैंड, सजावटी वस्तुएं, खिलौने, शो-पीस और अन्य उपयोगी सामग्री तैयार की। बच्चों की कलाकृतियों ने उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों ने यह संदेश दिया कि यदि सकारात्मक सोच और रचनात्मकता हो तो बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं को भी नया जीवन देकर उपयोगी बनाया जा सकता है। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियों का उद्देश्य केवल बच्चों की कलात्मक प्रतिभा को निखारना ही नहीं, बल्कि उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। आज के समय में बढ़ते प्रदूषण और कचरे की समस्या को देखते हुए बच्चों को बचपन से ही ‘रीयूज़, रिड्यूस और रीसायकल’ के महत्व से अवगत कराना अत्यंत आवश्यक है।
विद्यालय समय-समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को व्यवहारिक शिक्षा प्रदान करता है। इसी अवसर पर विद्यालय की प्रार्थना सभा में पूर्व में आयोजित विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सह-पाठयक्रम प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य वरुण शर्मा ने मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अपने संबोधन में प्रधानाचार्य वरुण शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

