देवानगंजः नेपाल एक बार फिर सांप्रदायिक तनाव की आग में झुलस रहा है। भारत के बिहार से सटे सुनसरी जिले के देवानगंज से शुरू हुआ विवाद अब मधेश और कोशी प्रांत के कई जिलों तक फैल चुका है। सुनसरी जिले के देवानगंज-कप्तानगंज में दो समुदायों के बीच हुए विवाद के बाद हिंसा की आग कोसी और मधेश प्रदेश के कई शहरों तक पहुंच गई है। हालात इतने बिगड़ गए कि कई इलाकों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाना पड़ा, पुलिस को गोली चलानी पड़ी और अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात को देखते हुए जनकपुरधाम, सिरहा, लहान, गोलबाजार, माडर, इनरवा समेत 6 से अधिक शहरों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।
वहीं नेपाल में सांप्रदायिक तनाव के बीच भारत-नेपाल रेल सेवा अगले आदेश तक बंद कर दी गई है। नेपाल में बिगड़ते हालात का असर भारत-नेपाल सीमा से लगे बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखने लगा है। नेपाली ग्राहकों के भारतीय बाजारों में नहीं पहुंचने से नरपतगंज, जयनगर समेत कई सीमावर्ती बाजारों में कारोबार प्रभावित हुआ है। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट हरिनारायण जाट ने बताया कि नेपाल के घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सीमा पर हाई अलर्ट घोषित किया गया है और एसएसबी के जवान लगातार निगरानी एवं गश्त कर रहे हैं। हिंसा के बाद नेपाल सरकार की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। सुरक्षा विशेषज्ञों, विपक्ष और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का आरोप है कि समय रहते राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं होने से हालात बेकाबू हो गए। जानकारी के मुताबिक, बीते रविवार की देर रात सुनसरी जिले के देवानगंज ग्राम पंचायत के कप्तानगंज इलाके में बोलबम यात्रा के दौरान विवाद शुरू हुआ।
एक ओर बोलबम श्रद्धालुओं का जुलूस डीजे और लाउडस्पीकर के साथ सप्तकोशी नदी की ओर जाने की तैयारी में था, वहीं दूसरी ओर दूसरे समुदाय का धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था। तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते पथराव और हिंसक झड़प में बदल गई। पुलिस ने हालात नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया, लेकिन हिंसा में गोलीबारी हुई और बाद में घायलों में 3 युवकों की मौत हो गई।

