जालंधर (ens) : महानगर में पटाखा मार्केट कारोबारियों को अभी तक प्रशासन द्वारा लाइसेंस जारी नहीं किए गए है। हैरानी की बात यह है कि कारोबारियों को पटाखा मार्केट लगाने के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित जगह के लिए मंजूरी लेनी पड़ती है। दूसरी ओर शहर भर में कुछ दुकानदारों द्वारा अवैध रूप से पटाखे लगाए जा रहे है। ऐसे में दुकानों पर लगे पटाखों को कानून छिक्कों पर टांगकर धज्जियां उड़ाई जा रही है।
ताजा मामला किशनपुरा के अधीन आते इलाके का है, जहां दुकानदार द्वारा बिना प्रशासन की परमिशन से दुकान के बाहर पटाखे लगाए हुए है। ऐसे में जब पुलिस को पटाखों को लेकर सूचना दी गई, तो उसके कुछ देर बाद दुकानदारो द्वारा दुकानो को बंद कर दिया गया। अवैध पटाखों की बिक्री को लेकर आंख मिचौली का यह पहला मामला नहीं है।
कुछ दिन पहले मॉडल टाउन थाने के अधीन आते इलाके में अवैध रूप से पटाखों की बिक्री का मामला सामने आया था। इस दौरान एक व्यक्ति द्वारा थाने में शिकायत भी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद एसीपी को अवैध पटाखों की बिक्री को लेकर अवगत करवाया गया था और उक्त पटाखों को ना बेचे जाने की अपील की गई थी। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि शहर भर में पटाखों की अवैध बिक्री हो रही है, लेकिन प्रशासन का इन दुकानदारों द्वारा बेचे जा रहे अवैध पटाखे कोई ध्यान नहीं है।
उधर, पुलिस कमिशनर सतिंदर सिंह से अवैध पटाखों को लेकर बात की गई, तो उन्होंने कहा कि राओवाली गांव में पटाखे बेचने की जगह निर्धारित की गई है। इस बार वहां पर दुकानदार पटाखों की बिक्री कर सकते है। दुकानदार गोदाम और दुकानों पर भारी मात्रा में पटाखों को स्टोर नहीं कर सकते। इसी के साथ घनी आबादी में भी पटाखों को स्टोक करने पर रोक है। हालांकि पुलिस कमिशनर का कहना है कि अवैध तरीके से बड़े पटाखों को बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
