चंडीगढ़ः मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में पंजाब की भगवंत मान सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने संबंधित DSP हरजिंदर सिंह गिल और ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार को सस्पेंड कर दिया है। परिवार की ओर से इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही थी। इस मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथों में ले ली है। एजेंसी ने जांच शुरू कर दी है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
13 अक्टूबर को गोली मारकर की गई थी हत्या
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को पंजाब के मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह लंबे समय से नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे। वह मानसा और आसपास के इलाकों में मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते थे। परविंदर लोगों को नशे के नुकसान के बारे में जागरूक करते थे। इसके साथ ही वह नशा तस्करी और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री के खिलाफ भी अभियान चलाते थे।
सोशल मीडिया पर ‘झोटा’ के नाम से थे मशहूर
परविंदर सिंह झोटा सोशल मीडिया पर काफी मशहूर थे। वह एंटी-ड्रग टास्क फोर्स से भी जुड़े हुए थे। उन्होंने लोगों को नशे के खिलाफ एकजुट करने और जागरूकता अभियान चलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके प्रयासों से कई ग्राम पंचायतों ने भी नशे के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए थे। उनकी हत्या के बाद परिवार और समर्थकों की ओर से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई गई।
अमित शाह ने परिवार से मिलकर दिया था न्याय का भरोसा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मानसा में परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना जताई और न्याय दिलाने का भरोसा दिया था। मुलाकात के दौरान अमित शाह ने मामले की CBI जांच कराने का आश्वासन भी दिया था। अब CBI ने जांच शुरू कर दी है। वहीं, पंजाब सरकार ने संबंधित DSP और ड्रग इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है। मामले में जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
