पठानकोटः जिले में पुलिस और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध माइनिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नौशहरा नालाबंडा की खड्ड में छापेमारी की गई। इस दौरान अवैध खनन के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जेसीबी ऑपरेटर मनीष कुमार निवासी गांव छन्नी बेली, टिप्पर चालक विक्रम सिंह निवासी नौशहरा नालाबंडा, टिप्पर चालक मोहन लाल निवासी मोहताली, जिला कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) और सहायक अमित कुमार निवासी गांव जसवां, तारागढ़, पठानकोट के रूप में हुई है।
टीम ने मौके से बिना रजिस्ट्रेशन नंबर वाली एक जेसीबी मशीन और दो टिप्पर ट्रक भी जब्त किए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, माइनिंग विभाग के जूनियर इंजीनियर कम माइनिंग इंस्पेक्टर गुरजोत सिंह को दोपहर करीब 12:45 बजे नौशहरा नालाबंडा के पास अवैध माइनिंग होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने घरोटा पुलिस चौकी के इंचार्ज एएसआई बोध राज से संपर्क किया।
पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर छापेमारी की गई। माइनिंग विभाग की जांच में सामने आया कि खड्ड में करीब 35 मीटर × 40 मीटर क्षेत्र में भारी मशीनरी की मदद से खुदाई की जा रही थी। यहां लगभग 1.50 मीटर यानी करीब 5 फीट गहरी खुदाई की गई थी। पुलिस ने मौके से बिना रजिस्ट्रेशन नंबर वाली जेसीबी के अलावा HP38D1625 और HP38E5768 नंबर के दो टिप्पर भी जब्त किए। माइनिंग इंस्पेक्टर गुरजोत सिंह और अंकुश गोयल की लिखित शिकायत के आधार पर थाना सदर पठानकोट में माइंस एंड मिनरल्स एक्ट, 1957 की धारा 21(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच एएसआई बोध राज कर रहे हैं।
वहीं डिप्टी कमिशनर पल्वी ने क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन से जुड़े पत्रकार के सवाल पर स्पष्ट किया कि खनन विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार केवल वैध खनन की ही अनुमति होगी। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
