चंडीगढ़/जालंधर: पंजाब की धरती पर पहली बार आयोजित हो रहे अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट एशियन चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर हॉकी जगत में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबलों को लेकर न केवल हॉकी प्रेमियों में खासा उत्साह है, बल्कि भारतीय हॉकी टीम में शामिल पंजाबी खिलाड़ियों के परिजन और देश के पूर्व हॉकी खिलाड़ी भी अपने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंच रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने टूर्नामेंट के उद्घाटन अवसर पर कहा था कि इस प्रतियोगिता के आयोजन से भारतीय हॉकी खिलाड़ियों की लंबे समय से चली आ रही इच्छा पूरी होगी। जहाँ खिलाड़ी चाहते थे कि उन्हें अपने ही घर और अपनी धरती पर अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलने का अवसर मिले। अब पंजाब ने वर्ष 2030 में होने वाले हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए भी अपनी दावेदारी पेश की है। हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ ने पंजाब में विकसित किए गए हॉकी के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बताया है।

इसके अलावा ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता गुरमेल सिंह, एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता राजबीर कौर, मनदीप सिंह के पिता रविंदर सिंह और माता दविंदरजीत कौर, सुखजीत सिंह के पिता अजीत सिंह और माता कुलदीप कौर, जरमनप्रीत सिंह के पिता बलबीर सिंह और माता कुलविंदर कौर तथा दिलप्रीत सिंह के पिता बलविंदर सिंह और माता सुखवंत कौर भी अपने लाडलों का हौसला बढ़ाने के लिए दर्शक गैलरी में मौजूद रहते हैं।

जालंधर में 27 अक्टूबर को एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का उद्घाटन हुआ था। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में मेजबान भारत के अलावा दक्षिण कोरिया, जापान, मलेशिया, चीन और बांग्लादेश की टीमें भाग ले रही हैं। 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक सभी लीग मुकाबले जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे, जबकि 4 और 5 नवंबर को सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले आयोजित होंगे।
