लुधियानाः जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 14 साल की होनहार हैंडबॉल खिलाड़ी अंशिका की मौत हो गई। अंशिका एल्पाइन स्कूल में 9वीं कक्षा की छात्रा थी। वह हैंडबॉल की अच्छी खिलाड़ी थी और कई स्कूल स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी थी। अंशिका को अगले दिन स्टेट लेवल का मैच खेलने के लिए बठिंडा जाना था। इसके लिए वह कई दिनों से कड़ी मेहनत कर रही थी और स्कूल में लगातार प्रैक्टिस कर रही थी। परिवार और स्कूल को भी उससे काफी उम्मीदें थीं। हालांकि, मैच खेलने से ठीक एक दिन पहले हुए सड़क हादसे ने उसकी जिंदगी छीन ली।
एक्टिवा से स्कूल जा रही थी अंशिका
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 4 बजे अंशिका एक्टिवा पर स्कूल में प्रैक्टिस करने के लिए जा रही थी। उसके साथ मंदिर के पुजारी भी थे। दोनों जब जगतपुरी चौकी इलाके में जस्सियां रोड से गुजर रहे थे, तभी ईंटों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी एक्टिवा को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना गंभीर था कि अंशिका ट्रॉली के नीचे आ गई। उसे गंभीर चोटें आईं और वह बुरी तरह घायल हो गई।
गंभीर हालत में DMC अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे के तुरंत बाद अंशिका को इलाज के लिए डीएमसी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसके शरीर पर आई गंभीर चोटें इतनी ज्यादा थीं कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अंशिका की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। जिस बेटी को अगले दिन स्टेट लेवल मैच खेलने के लिए बठिंडा जाना था, उसी की मौत की खबर से माता-पिता पूरी तरह टूट गए।
ट्रॉली पर नहीं लगा था नंबर
इस हादसे के बाद जगतपुरी चौकी पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली के ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि जिस ट्रॉली में ईंटें भरी हुई थीं, उस पर कोई नंबर नहीं लगा था। परिवार की ओर से पुलिस को शिकायत भी दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी थी अंशिका
अंशिका को खेलों में काफी रुचि थी। वह अपने स्कूल में ही हैंडबॉल की प्रैक्टिस करती थी। वह अब तक 2-3 स्कूल लेवल की प्रतियोगिताओं में खेल चुकी थी। अंशिका ने इन प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन किया था और कई मेडल भी अपने नाम किए थे। अब वह स्टेट लेवल पर खेलने का सपना देख रही थी। बठिंडा में होने वाला मैच उसके लिए एक बड़ा मौका था, लेकिन मैच से एक दिन पहले ही यह सपना हमेशा के लिए टूट गया।
पिता प्रिंटिंग प्रेस में करते हैं काम
अंशिका के पिता अमित राय प्रिंटिंग प्रेस में काम करते हैं और इसी से परिवार का खर्च चलाते हैं। उसकी मां गृहिणी हैं। अंशिका का एक 13 साल का भाई भी है। वह भी अपनी बहन के साथ 9वीं कक्षा में पढ़ता है। परिवार में दोनों भाई-बहन पढ़ाई के साथ आगे बढ़ने के सपने देख रहे थे।
बेटी की मौत से परिवार बेसुध
अंशिका की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। माता-पिता को यकीन नहीं हो रहा कि जिस बेटी को वे अगले दिन स्टेट लेवल मैच खेलने के लिए बठिंडा भेजने की तैयारी कर रहे थे, वह अब उनके बीच नहीं है। एक होनहार खिलाड़ी की सड़क हादसे में हुई मौत ने परिवार के साथ-साथ उसके स्कूल और खेल से जुड़े लोगों को भी दुखी कर दिया है। अंशिका ने कम उम्र में ही खेल के क्षेत्र में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी, लेकिन एक सड़क हादसे ने उसके सारे सपने अधूरे छोड़ दिए।
