जालंधरः जिले में नेशनल हाईवे पर गोराया और फिल्लौर के बीच साईं सुंदर शाह जी पीर की दरगाह के पास रास्ता देने को लेकर PRTC बस चालक और महिंद्रा पिकअप चालक के बीच विवाद हो गया। यह घटना आर्मी ग्राउंड के सामने की बताई जा रही है। पिकअप चालक जय भगवान के अनुसार वह अपनी महिंद्रा पिकअप गाड़ी लेकर पठानकोट से कैथल जा रहे थे। उनका कहना है कि वह सड़क पर अपनी गाड़ी सही तरीके से चला रहे थे।
View this post on Instagram
पीछे से आ रही थी PRTC बस
जय भगवान ने पत्रकारों को बताया कि उनके पीछे से एक PRTC बस तेज रफ्तार में आ रही थी। बस चालक ने हॉर्न बजाकर उन्हें रास्ता देने के लिए कहा। जय भगवान के मुताबिक, उस समय उनकी गाड़ी के आगे कई अन्य वाहन चल रहे थे। इस वजह से वह तुरंत अपनी गाड़ी को सड़क से साइड में नहीं कर पाए और बस को आगे निकलने के लिए रास्ता नहीं दे सके।
बस कंडक्टर पर जबरदस्ती रोकने का आरोप
पिकअप चालक ने आरोप लगाया कि रास्ता नहीं मिलने से PRTC बस का कंडक्टर नाराज हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंडक्टर ने उनकी गाड़ी को जबरदस्ती रुकवाया और उनके साथ मारपीट की। जय भगवान का कहना है कि उन्होंने अपनी बात समझाने की कोशिश की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। इसी दौरान उनकी गाड़ी की चाबी भी निकाल ली गई।
112 हेल्पलाइन पर की गई कॉल
घटना के बाद जय भगवान ने मदद के लिए 112 हेल्पलाइन पर फोन किया। सूचना मिलने के बाद रोड सेफ्टी फोर्स (SSF) की टीम मौके पर पहुंची। उस समय पिकअप गाड़ी सड़क के बीच में खड़ी होने के कारण वहां यातायात प्रभावित हो गया था। SSF की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और सड़क के बीच खड़े वाहन को हटवाकर ट्रैफिक व्यवस्था को सामान्य करवाया।
बस की तलाश कर चाबी वापस दिलाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए SSF की टीम ने संबंधित PRTC बस का पता लगाने की कोशिश की। इसके बाद लुधियाना बस स्टैंड से संपर्क किया गया और बस के बारे में जानकारी जुटाई गई। बाद में पिकअप चालक की गाड़ी की चाबी वापस लाकर जय भगवान को सौंप दी गई।
जय भगवान ने SSF टीम का जताया आभार
चाबी वापस मिलने के बाद जय भगवान ने रोड सेफ्टी फोर्स के इंचार्ज सरबजीत सिंह और उनकी पूरी टीम का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि अगर SSF की टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंचती और उनकी मदद नहीं करती, तो उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। उन्होंने टीम की तत्परता और मदद के लिए उनका दिल से आभार जताया।
SSF की मदद से मामला संभला
इस घटना में रास्ता देने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया था। लेकिन 112 हेल्पलाइन पर सूचना मिलने के बाद रोड सेफ्टी फोर्स की टीम के मौके पर पहुंचने से स्थिति को संभाला गया और यातायात को भी सुचारू करवाया गया।
