लुधियानाः जगराओं में गांव गगड़ा स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा गोपाल सर साहिब के गेट पर हुई फायरिंग और धमकी भरी चिट्ठी फेंकने के मामले में 2 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान बाबा अमरजीत सिंह और संदीप सिंह सोनी के रूप में हुई है। आरोपी गुरुद्वारा साहिब का मुख्य सेवादार है। इस मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इलाके में दहशत फैलाने और सिख संगत की भावनाओं से जुड़ी इस घटना का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि गुरुद्वारा साहिब का मुख्य सेवादार बाबा अमरजीत सिंह ही निकला। पुलिस ने बाबा अमरजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
थाना सदर के एसएचओ सुखविंदर सिंह ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इस मामले में अब तक मुख्य सेवादार बाबा अमरजीत सिंह और गोली चलाने वाले संदीप सिंह सोनी की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस जांच के अनुसार, बाबा अमरजीत सिंह पुलिस सुरक्षा (गनमैन) हासिल करना चाहता था। इसी मकसद से उसने अपने साथी संदीप सिंह उर्फ सोनी निवासी गांव कंडियाल के साथ मिलकर गुरुद्वारा साहिब पर हमले का नाटक रचा।
आरोपी ऐसी स्थिति पैदा करना चाहते थे, जिससे मामला बेहद संवेदनशील दिखे और पुलिस दबाव में आकर बाबा को तुरंत सुरक्षा मुहैया करवा दे। इस मामले में पुलिस संदीप सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस साजिश में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे और हथियार की खरीद-फरोख्त में किसकी भूमिका रही।
बता दें कि साजिश को गंभीर रूप देने के लिए आरोपियों ने एक धमकी भरी चिट्ठी तैयार की थी। इसमें अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज, बाबा अमरजीत सिंह और गुरिंदर सिंह रूमी के खिलाफ आपत्तिजनक व अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। साथ ही गुरुद्वारा साहिब में भाजपा और अकाली दल (बादल) के नेताओं को सिरोपा भेंट करने पर ऐतराज जताया गया था। गुरिंदर सिंह रूमी पर पहले भी हमला हो चुका था, इसलिए इन बड़े नामों का सहारा लेकर पुलिस पर जल्द सुरक्षा देने का दबाव बनाने की चाल चली गई थी।
