चंडीगढ़ः मुख्यमंत्री भगवंत मान की केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक में पंजाब के बुनियादी ढांचे को लेकर कई बड़े और अहम फैसले लिए गए। सीएम मान ने कहा कि बैठक काफी अच्छे माहौल में हुई है। हमने सीआरआईएस फंड से अपने हिस्से का 170 करोड़ रुपए फंड मांगा था, लेकिन उन्होंने 400 करोड़ रुपए देने का वादा किया है। कई प्रोजेक्टों को मंजूरी भी दी गई है। वहीं, दिलजीत दोसांझ के पीए के घर पर हमले जैसे मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
नीट पेपर लीक मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार को गंभीरता दिखानी होगी। मुख्यमंत्री ने जान से मारने की धमकियों को लेकर कहा कि हम दिल और जान से पंजाब के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने पंजाब की लाइफलाइन माने जाने वाले कई सड़क मार्गों और लंबित पुलों के निर्माण को लेकर केंद्र सरकार के सामने मजबूती से अपना पक्ष रखा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिरोजपुर-फाजिल्का हाईवे को चौड़ा करने और इसे नेशनल हाईवे घोषित करने की पुरजोर मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे अपग्रेड करने से सीमावर्ती इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
अमृतसर और बठिंडा जैसे प्रमुख शहरों में जो सड़क परियोजनाएं और विकास कार्य पिछले काफी समय से अधूरे पड़े हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने के संदर्भ में विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स के रुकने से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बठिंडा में मक्खू रेलवे ओवरब्रिज का काम काफी समय से लटका हुआ है। मुख्यमंत्री ने नितिन गडकरी से इस पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाने की मांग की ताकि यातायात सुचारू हो सके।

