Girl in a jacket
HomeGovernment Newsजे.सी. बोस विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए आउटकम बेस्ड एजुकेशन एवं...

जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए आउटकम बेस्ड एजुकेशन एवं एनबीए प्रत्यायन पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए आउटकम बेस्ड एजुकेशन एवं एनबीए प्रत्यायन पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित

चंडीगढ़ : जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद में नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन (एनबीए), हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद तथा तकनीकी शिक्षा निदेशालय, हरियाणा सरकार के संयुक्त तत्वावधान में हरियाणा के इंजीनियरिंग कॉलेजेस के लिए आउटकम बेस्ड एजुकेशन एवं प्रत्यायन विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रदेशभर के तकनीकी शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों, प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में जे.सी. बोस विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार, तकनीकी शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री प्रभजोत सिंह, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष प्रो. एस.के. गक्खड़, तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. वाई.पी.एस. बेरवाल, एनबीए के सदस्य सचिव डॉ. अनिल कुमार नासा तथा हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के राज्य परियोजना निदेशक प्रो. आर.एस. राठौर विशेष रूप से उपस्थित रहे।

हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री प्रभजोत सिंह ने हरियाणा सरकार की ओर से एनबीए प्रत्यायन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहन योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल के बाद एनबीए प्रत्यायन प्राप्त करने वाले संस्थानों को ₹5 लाख की प्रोत्साहन राशि तथा प्रत्यायन शुल्क की प्रतिपूर्ति प्रदान की जाएगी, जबकि पहले से प्रत्यायित संस्थानों को शुल्क का 50 प्रतिशत वापस किया जाएगा। उन्होंने सरकारी एवं निजी दोनों प्रकार के संस्थानों से गुणवत्ता सुधार और प्रत्यायन के लिए सक्रिय प्रयास करने का आह्वान किया। प्रो. आर.एस. राठौर ने कहा कि तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और वैश्विक मानकों के अनुरूप संस्थानों को तैयार करने के लिए ऐसी कार्यशालाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने एनबीए का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा में इस प्रकार की पहल संस्थानों को आउटकम बेस्ड एजुकेशन को बेहतर ढंग से समझने और लागू करने में सहायक होगी।

कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. अनिल कुमार नासा ने बताया कि एनबीए प्रत्यायन विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा एवं रोजगार के अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि एनबीए, वाशिंगटन समझौता का सदस्य होने के कारण मान्यता प्राप्त संस्थानों के छात्रों को वैश्विक स्तर पर अकादमिक स्वीकार्यता मिलती है। उन्होंने संस्थानों से संशोधित ग्रेजुएट एट्रिब्यूट और प्रोफेशनल कॉम्पिटेंसी ग्रेजुएट एट्रिब्यूट्स और प्रोफेशनल कॉम्पिटेंसीज़ (जीएपीसी संस्करण 4) के अनुरूप अपने पाठ्यक्रमों को ढालने तथा आवश्यक छात्र-शिक्षक अनुपात एवं गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

डॉ. वाई.पी.एस. बेरवाल ने कहा कि एनबीए प्रत्यायन से न केवल छात्रों को वैश्विक स्तर पर लाभ मिलता है, बल्कि संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता, रोजगारपरकता और सरकारी सहायता प्राप्त करने की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। उन्होंने बताया कि तकनीकी शिक्षा विभाग संस्थानों को प्रत्यायन के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है। प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा ने एनबीए प्रत्यायन को उच्च शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे संस्थान वैश्विक मानकों के अनुरूप अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता को स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने छात्र-शिक्षक अनुपात, शोध, नवाचारी शिक्षण पद्धतियों तथा छात्रों में ज्ञान, कौशल, दृष्टिकोण एवं नैतिक मूल्यों के विकास पर विशेष बल दिया।

- Advertisement -
Girl in a jacket

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -
Girl in a jacket

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -