पंजाबः सुखपाल खैहरा को जमानत मिलने के बाद एक और मामला हुआ दर्ज

पंजाबः सुखपाल खैहरा को जमानत मिलने के बाद एक और मामला हुआ दर्ज

चंडीगढ़ः सितंबर से जेल में बंद कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा को आज कोर्ट से जमानत मिल गई। दरअसल, हाई कोर्ट ने एनडीपीएस मामले में जमानत दे दी है। सुखपाल खैरा को फाजिल्का में 2015 में दर्ज एनडीपीएस मामले में 28 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। बताया जा रहा है कि रिहाई से पहले ही पुलिस ने एक और एफआईआर दर्ज कर ली। सुभानपुर थाने में 195 ए और 506 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एडिशनल SHO बलजीत सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि विधायक खैरा के खिलाफ एफआईआर संख्या 3/24 दर्ज की गयी है। ऐसे में विधायक खैरा को अभी और जेल में रहना होगा। इसके साथ ही सुखपाल सिंह खैरा के बेटे मेहताब ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा है कि एक तरफ उनके पिता को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने एनडीपीएस मामले में जमानत दे दी है। इसके साथ ही पंजाब सरकार ने उनके खिलाफ बदले की भावना से एक और मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। उन्हें कपूरथला में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना है। बेटे ने कहा कि वह साफ तौर पर कहना चाहता है कि उनके पिता मुख्यमंत्री की इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। हम अपनी लड़ाई इसी तरह जारी रखेंगे।

याचिका दाखिल करते हुए खैरा ने बताया कि इस मामले में याची को विभिन्न स्तर पर राहत के बावजूद पंजाब पुलिस उनके खिलाफ कानून के खिलाफ जाकर कार्रवाई कर रही है। पहले वह आम आदमी पार्टी में थे और बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। इसी के चलते उनके खिलाफ राजनीतिक द्वेष के कारण यह कार्रवाई की जा रही है। मार्च 2015 में फाजिल्का के जलालाबाद में एनडीपीएस एर्ज में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में गुरदेव सिंह सहित नौ लोगों पर मामला दर्ज किया गया था और बाद में उन्हें नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया था।
पुलिस ने उनके पास से 2 किलो हेरोइन, 24 सोने के बिस्कुट, एक देशी पिस्तौल, एक .315 बोर की पिस्तौल और दो पाकिस्तानी सिम कार्ड बरामद किए थे। बाद में पुलिस जांच के दौरान खैरा का नाम सामने आया। 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने अतिरिक्त आरोपी के रूप में तलब किए गए खैरा के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। उन्हें 2015 के ड्रग्स मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 2021 में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किया गया था। 2022 में उन्हें जमानत मिल गई। फरवरी 2023 में शीर्ष अदालत ने ड्रग्स मामले में खैरा के खिलाफ समन आदेश को रद्द कर दिया। खैरा को 28 सितंबर को पंजाब पुलिस ने उनके चंडीगढ़ स्थित आवास से गिरफ्तार किया था।