24.10 करोड़ की सीवरेज योजना से करीब 5 हजार लोगों को मिलेगा लाभ
ऊना। औद्योगिक गतिविधियों और शहरी विस्तार के साथ टाहलीवाल में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में निर्णायक पहल की गई है। उप मुख्यमंत्री एवं हरोली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री ने हाल ही में 24 करोड़ 10 लाख 44 हजार रुपये की टाहलीवाल टाउन सीवरेज योजना और 3 करोड़ 30 लाख 29 हजार रुपये की लागत से पुरानी पेयजल योजना के ऐतिहासिक ढांचे के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास किया। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल 27 करोड़ 41 लाख रुपये से अधिक खर्च होंगे।
औद्योगिक नगर को मिलेगी आधुनिक सीवरेज सुविधा टाहलीवाल में आबादी बढ़ने, औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और शहरी सुविधाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए सीवरेज व्यवस्था विकसित की जा रही है। 24 करोड़ 10 लाख रुपये की इस परियोजना के पूरा होने से करीब पांच हजार लोगों को लाभ मिलेगा। योजना के माध्यम से क्षेत्र में सीवरेज नेटवर्क विकसित करने के साथ गंदे पानी का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक सीवरेज व्यवस्था टाहलीवाल के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्षेत्र में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली ने विकास के अनेक पड़ाव पार किए हैं और अब लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों के सपनों की हरोली बनाने का है।
31 गांवों की प्यास बुझाने वाला वाटर वर्क्स बनेगा म्यूजियम टाहलीवाल स्थित लाजपत राय वाटर वर्क्स क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था के इतिहास का अहम हिस्सा है। वर्ष 1949 में स्थापित इस वाटर वर्क्स का उद्घाटन 6 दिसंबर, 1949 को तत्कालीन पूर्वी पंजाब के राज्यपाल सर चंदूलाल एम. त्रिवेदी ने किया था। इसके माध्यम से बीत क्षेत्र के 31 गांवों की करीब 20 हजार आबादी को पेयजल उपलब्ध करवाया जाता था। इस वाटर वर्क्स में इंग्लैंड से आयातित 156 हॉर्स पावर के दो रस्टन डीजल इंजन लगाए गए थे। इनके माध्यम से वर्ष 1974 तक पेयजल आपूर्ति होती रही। पुराना पंप हाउस और इसकी मशीनरी आज भी यहां मौजूद हैं। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के विजन के अनुरूप इस ऐतिहासिक धरोहर को वाटर सप्लाई हेरिटेज म्यूजियम के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां बीत क्षेत्र की पुरानी पेयजल व्यवस्था और उस दौर की तकनीक से परिचित हो सकें। इसके लिए जल शक्ति विभाग की योजना के तहत 3 करोड़ 30 लाख 29 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
बेहतर सुविधाओं से कारोबार और जनजीवन को मिलेगी राहत नगर पंचायत टाहलीवाल के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश चंद का कहना है कि क्षेत्र में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने के साथ बुनियादी सुविधाओं को भी मजबूत करना जरूरी है। सीवरेज व्यवस्था बनने से बाजार और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी। स्थानीय निवासी हरदयाल सिंह बग्गू का कहना है कि लाजपत राय वाटर वर्क्स क्षेत्र के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी पुरानी मशीनरी और पंप हाउस को म्यूजियम के रूप में संरक्षित करने से नई पीढ़ी को पेयजल आपूर्ति के पुराने तौर-तरीकों और तकनीक को जानने का अवसर मिलेगा। वहीं, सीवरेज योजना से क्षेत्र में स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा।
