चंडीगढ़: पंजाब भर के विद्यार्थियों के लिए सिविल सेवाओं की तैयारी को सुलभ बनाने के उद्देश्य से भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य के 1,000 कॉलेज विद्यार्थियों को केंद्रीय लोक सेवा आयोग (यू.पी.एस.सी.) सिविल सेवा परीक्षा और पंजाब सिविल सेवा (पी.सी.एस.) परीक्षाओं के लिए पूरी तरह मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध करवाई जाएगी। उच्च शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के नेतृत्व में शुरू किए जा रहे इस कार्यक्रम के तहत सरकारी कॉलेजों के 750 और निजी कॉलेजों के 250 विद्यार्थियों को कवर किया जाएगा।
बैंस ने कहा कि राज्य सरकार ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दिशा में ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ के विजन का उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक विस्तार कर रही है। यह क़दम उन वित्तीय और अन्य बाधाओं को दूर करेगा, जिनके कारण अक्सर प्रतिभाशाली विद्यार्थी, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित युवा सिविल सेवाओं की मानक कोचिंग लेने से वंचित रह जाते थे।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “इस पहल के द्वारा हम उन अवसरों को खोल रहे हैं जो पहले कई विद्यार्थियों को अपनी पहुंच से बाहर लगते थे। हम उन्हें भविष्य के अधिकारी, प्रशासक और नेता बनने का आत्म-विश्वास दे रहे हैं। ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ केवल क्लासरूम को सुधारने तक सीमित नहीं है; यह हमारे बच्चों के भविष्य को संवारने का उपक्रम है। जब हमारा युवा आगे बढ़ेगा, तो पंजाब आगे बढ़ेगा। हम सब मिलकर रंगले पंजाब के निर्माण की ओर लगातार कदम बढ़ा रहे हैं।”
पंजाब सरकारी स्कूलों के परिणाम राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं की कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार की तस्वीर पेश करते हैं: 361 विद्यार्थियों ने जेईई मेन 2026 परीक्षा पास की, 64 ने जेईई एडवांस्ड-2026 पास की और 882 ने नीट-यूजी 2026 पास की। नीट पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 2024 में 437 से बढ़कर 2025 में 847 और 2026 में 882 हो गई है, जो कि दो सालों में दोगुने से भी अधिक है।
