नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने दोहरे तेवर में नजर आए हैं। एक ओऱ वो ईरान के साथ युद्ध खत्म होने पर व्हाइट हाउस में पार्टी करने की बात कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर खुली चेतावनी दे रहे हैं। यदि तय समय तक समझौता नहीं हुआ तो फिर से बमबारी शुरु हो सकती है। एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने साफ कहा कि वह ईरान के साथ चल रहे सीजफायर को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि – ‘शायद मैं इसे एक्साइडेट न करुं। यदि ऐसा हुआ तो ब्लॉकेड जारी रहेगा। हमें फिर से बम गिराने पड़ सकते हैं’।
Read In English : https://encounternews.in/world/donald-trump-signals-possible-end-to-iran-ceasefire-if-no-agreement-reached-by-deadline/
राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि 21 अप्रैल को डेडलाइन बहुत जरुरी है। यदि इस तारीख तक अमेरिका और ईरान के बीच कोई अहम समझौता नहीं होगा हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि डील हो जाएगी। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह होने वाला है परंतु ईरान का कहना है कि उनकी बातो पर भरोसे कम है।
होर्मुज के आस-पास जारी रहेगा ब्लॉकेड
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह साफ कर दिया है कि चाहे सीजफायर बढ़े या फिर नहीं। अमेरिका का ईरान पर लगाया गया नौसैनिक ब्लॉकेड जारी रहेगा। यह ब्लॉकेड ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है क्योंकि इससे उसके तेल निर्यात पर सीधा असर पड़ता है। भले ही बातचीत जारी हो लेकिन दबाव की राजनीति भी साथ-साथ चलती रहेगी।
अमेरिका ईरान में चल रही कई कोशिशें
इसके बीच खबर मिली है कि अमेरिका और ईरान की प्रतिनिधि जल्द ही पाकिस्तान में एक नई बातचीत के दौरे के लिए मिल भी सकते हैं हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है परंतु ये संकेत मिल रहे हैं कि दोनों पक्षों किसी समझौते तक पहुंचने की कोशिशि में है। ईरान सूत्रों की ओर से खबरें चल रही है कि सोमवार को ये बातचीत इस्लामाबाद में होगी और रविवार शाम तक दोनों देशों के नेता पाकिस्तान पहुंचेंगे। पिछले दौर की बातीचत बिना नतीजे के खत्म हुई थी। ऐसे में इस बार का राउंड औऱ भी अहम माना जा रहा है।
डबल गेम खेल रहे हैं ट्रंप
ट्रंप की रणनीति को समझना मुश्किल नहीं है। एक ओर वो बातचीत के जरिए समाधान निकलने की बात करते हैं। वहीं दूसरी ओर सैन्य दबाव बनाए रखते हैं फिलहाल हालात बढ़ते हुए नाजुक है। 21 अप्रैल की डेडलाइन करीब है और पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता हो पाता है नहीं।
