नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका में चल रहे तनाव के बीच अब एक बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। दोनों देशों के बीच में अगले दौर की बातचीत अगले हफ्ते इस्लामाबाद में हो सकती है हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष ने आधिकारिक तौर पर तारीख का ऐलान नहीं किया है परंतु जमीन पर हो रही गतिविधियां इस ओर इशारा कर रही है।
पाकिस्तान के सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि C-17 ग्लोबमास्टर 3 जैसे भारी अमेरिकी सैन्य विमाल रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर उतरे हैं। यह एयरबेस इस्लामाबाद के बेहद करीब है। इसके साथ ही एयरपोर्ट से इस्लामाबाद के रेड जोन तक जाने वाली सड़कों को अस्थायी रुप से बंद कर दिया गया है इससे यह साफ हो चुका है कि सुरक्षा इंताम काफी कड़े किए जा रहे हैं।
ट्रंप नहीं बढ़ाना चाहते सीजफायर
सिर्फ इतना ही नहीं इस्लामाबाद के बड़े होटलों खासतौर पर सेरेना होटल और मैरियट होटल को भी खाली करवाया गया है। नए बुकिंग पर रोक लगा दी गई है। सेरेना होटल में पहले दौर की बातचीत 11 अप्रैल को हुई थी हालांकि 24 अप्रैल को शुक्रवार पड़ रहा है लेकिन दोनों देशों के बीच लागू सीजफायर 21 अप्रैल को खत्म हो रही है। अभी साफ नहीं हुआ है कि सीजफायर को आगे बढ़ाया जाएगा या नहीं जहां ट्रंप इसको आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं है।
पाकिस्तान के साथ संपर्क में हैं अमेरिका ईरान
अलजजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का यह कहना है कि दोनों देशों के प्रतिनिधि पिछले दौर की बातचीत के बाद से लगातार इस्लामाबाद के जरिए संपर्क में है। कोशिश है कि अगले दौर से पहले एक मैक्सिमम अंडरस्टैंडिंग बना ली जाए। पहले रिपोर्ट आई थी कि दोनों पक्षों के प्रतिनिधि रविवार तक इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं और सोमवार को औपचारिक बातचीत शुरु हो सकती है लेकिन इससे ईरान ने इंकार कर दिया था।
इस पूरी घटना में पाकिस्तान की भूमिका भी काफी जरुरी है। आसिम मुनीर ने हाल ही में ईरान का दौरा किया है जहां पर उन्होंने ईरानी नेतृत्व से मुलाकात की है। इस दौरान क्षेत्र में शांति और बातचीत के जरिए हल निकलने पर जोर दिया गया है।
राष्ट्रपति ट्रंप जाने वाले हैं पाकिस्तान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में यह कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट को कमर्शियल जहाजों के लिए खोल दिया गया है जो बातचीत के माहौल को बेहतर बनाने की दिशा में एक जरुरी कदम माना जा रहा है। अमेरिका की ओर से भी पॉजिटिव संकेत मिले हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही कहा है कि यदि ईरान के साथ कोई समझौता होता है तो वह खुद इस्लामाबाद आकर उस डील पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
उन्होंने पाकिस्तान की तारीफ करते हुए कहा कि उसने इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई है। एक पाकिस्तानी अधिकारी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल के साथ-साथ मीडिया के लिए भी तैयारियां शुरु कर दी गई है। इससे यह साफ हो गया है कि इस संभावित बातचीत को लेकर पाकिस्तान पूरी तरह एक्टिव मोड में है।
बता दें कि इससे पहले अप्रैल के दूसरे हफ्ते में इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच करीबन 21 घंटे तक बातचीत हुई थी लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया था हालांकि पाकिस्तान की पहल पर 8 अप्रैल को दो हफ्ते का सीजफायर जरुर हुआ था जिसने आगे बातचीत का आगे का रास्ता खोला।
