डुइसबर्गः जर्मनी के डुइसबर्ग स्थित गुरुद्वारा साहिब में 2 पक्षों में विवाद हो गया। जहां दोनों पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि गुरुद्वारा साहिब के अंदर दोनों पक्षों के सिख आपस में हाथापाई करने लगे। इस घटना में सिखों की पगड़ियां भी उतरी। वहीं कृपाण सहित अन्य हथियारों से एक-दूसरे पर हमला किया गया। आरोप लगाए जा रहे है कि यह सब गोलक को लेकर विवाद हुआ है। आरोप है कि चुनाव हारने वाले पक्ष ने जबरदस्ती सत्ता हथियाने की कोशिश की। जिसके बाद विवाद बढ़ गया। वहीं वीडियो में व्यक्ति ने कहाकि एक पक्ष ने गुरुद्वारा साहिूब में आकर दूसरे पक्ष द्वारा हाथापाई की गई।
इस दौरान पेपर स्प्रे किया गया और फायरिंग की गई। व्यक्ति ने कहा कि घटना के दौरान गुरुद्वारा साहिब में सगंत मौजूद थी, लेकिन हादसे के बाद सगंत सड़क पर आ गई। इस घटना के दौरान महिलाएं और बच्चे भी मौजूद थे। व्यक्ति ने आरोप लगाते हुए कहा कि कई सालों से गुरु घर को बिजनेस के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था, जब यह बिजनेस बंद हुआ तो पक्ष उसे बर्दाश्त नहीं कर सका।
व्यक्ति ने कहाकि अब सगंत गोलक का खुद हिसाब करती है। आरोप है कि पिछले चार से पांच माह से बिजली के बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा था और लगातार जुर्माा लगकर आ रहा था। व्यक्ति ने कहा कि वह जल्द उनके दस्तावेज संगत के समक्ष पेश किया जाएगा। व्यक्ति ने कहा कि सगंत के फैसलों से वह पीछे नहीं हट रहे। गुरु की घर की जमीन को लेकर भी आरोप लगाए गए। व्यक्ति ने कहाकि वह सगंत के बीच लिए गए फैसलों से पीछे नहीं हट रहे।
हमला करने वाले पक्ष की सहमति से बनाई की गई नई कमेटी से चार अमृतधारी सिंह चुने गए, लेकिन वह गुरु उन फैसलों से भी पीछे हट गए। व्यक्ति ने कहा कि आज गुरुद्वारा साहिब में प्रोग्राम की समाप्ति के दौरान सगंत की ओर से पैसों की गिनती की जा रही थी। दरअसल, सगंत द्वारा लगंर का खर्च उठा रही है और लांगरी को खर्च का हिसाब देने के दौरान यह विवाद हो गया। इस दौरान एक पक्ष द्वारा पेपर स्प्रे किया गया और फायरिंग की गई। घटना के बाद से सगंत गुरु घर के बाहर खड़ी है। व्यक्ति ने बताया कि हमला करने वाला पक्ष गुरुद्वारा मसंद साहिब के अंदर मौजूद है।
