नई दिल्ली: ईरान-अमेरिका के बीच में फेल हुए पहले दौर की वार्ता के बाद युद्ध का कूटनीतिक हल खोजने की कोशिशें चल रही हैं। इसी बीच अमेरिकी नेवी ने ईरानी झंडे वाले एक कार्गो जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि ये जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था।
कार्गो जहाज को ईरान ने लिया कब्जे में
ईरान ने कार्गो जहाज को कब्जे में लिए जाने के बाद अमेरिकी सेना पर ड्रोन बोट से पलटवार करने का दावा किया है। इसके सात ही इस्लामाबाद में होने वाली दूसरी दौर की वार्ता को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। ईऱान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने रविवार को साफ किया है कि इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ दूसरे दौर की वार्ता की जो खबरें घूम रही हैं। वो पूरी तरह से झूठी और गलत है। ईरान ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में रचनात्मक बात की कोई साफ संभावना नहीं दिख रही है। ईरान ने अमेरिका के द्वारा जारी की गई खबरों को प्रचार कैंपेन और आरोप लगाने का नया असूल बना लिया है। इसका मकसद ईरान पर दबाव बनाना है।
होर्मुज में हुई नाकेबंदी
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी के बीच अमेरिकी नेवी ने ईरानी झंडे वाले कार्गो को अपने कब्जे में लिया है। इस कार्गो ने होर्मज के पास अमेरिकी नौसैनिक की नाकेबंद को पार करने की कोशिश कर रही थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रूथ पर पोस्ट किया है कि दावा किया है कि ईरानी झंडे लगे इस कार्गो का नाम Touska है। इस जहाज को ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक यूएसएस स्प्रुएंस ने इंटरस्पेट किया। यह जहाज नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था। यह उनके ईरान के लिए अच्छा नहीं रहा।
स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज में अमेरिका के बीच चल रहे लगातार बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर से उछाल आ गया है। रविवार की शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है। शिकागो मर्केटाइल एक्सचेंज में कारोबार फिर से शुरु होने के बाद अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत 6.4% बढ़कर 87.88 डॉलर प्रति बैरल हो गई। अंतरराष्ट्रीय मानव ब्रेंट क्रूड की कीमत 6.5% बढ़कर 96.25 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। रविवार की शुरुआती बढ़त ने शुक्रवार को हुई गिरावट के एक हिस्से की भरपाई कर दी। जब ईऱान के विदेश मंत्री के द्वारा वाणिज्यिक टैंकरों के लिए होर्मुज को फिर से खोलने की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 9% से ज्यादा गिरावट आई थी।
