अमृतपाल के सम्भावित ठिकानों पर सेंट्रल एजेंसियों की रेड!
नई दिल्लीः राजस्थान में पु्लिस खालिस्तान समर्थक अमृतपाल की धरपकड़ के लिए पाकिस्तान बॉर्डर से सटे 5 जिलों- श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर में बड़ा सर्च ऑपरेशन चला रही है। इसके अलावा जोधपुर, जयपुर, कोटा में भी पुलिस और एजेंसियां चौकसी बरत रही हैं। सेंट्रल एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर ही यह आशंका जताई जा रही है कि अमृतपाल राजस्थान के सरहदी इलाकों में कहीं पर शरण लेकर छिपा हुआ है। गंगानगर और हनुमानगढ़ पंजाब और पाकिस्तान दोनों के बॉर्डर एरिया पर हैं, यहां सिख समाज के लोग भी बड़ी तादाद में रहते हैं, बोलचाल,भाषा, हुलिये और पहनावे के आधार पर अमृतपाल ऐसी जगहों में शहर के बाहरी इलाकों में छिप सकता है, इसकी भी पूरी आशंका है। राजस्थान पुलिस के डीजीपी उमेश मिश्रा ने अमृतपाल के राजस्थान में होने के इनपुट के सवाल पर कहा- ‘’ मीडिया को सब मालूम है तो मैं क्या कह पाऊंगा।
ये एक संवेदनशील इश्यू है। इसमें जब तक हमें कोई सफलता नहीं मिलती है हम कुछ भी कहने से बचेंगे। हमारी टीमें काम कर ही हैं। कुछ इनपुट है, वो क्या इनपुट है और उसका क्या आउटपुट अभी तक है, ये अगर होगा भी तो हम चाहेंगे कि पब्लिक डोमेन में अभी ना जाए। जब हमें कुछ कॉन्क्रीट सफलता मिलेगी, तो हम बता देंगे। थोड़ी बहुत मिली भी है। लेकिन अभी कुछ बताना उचित नहीं है। ‘’ आशंका है कि राजस्थान बॉर्डर होकर अमृतपाल पाकिस्तान भागने की फिराक में है। इसके लिए वह सीमा पार से आने वाले नशे और हथियारों के तस्करों और रूट की मदद ले सकता है। बॉर्डर पार पाकिस्तान से भी एजेंसियां उसे इस काम में सपोर्ट कर सकती हैं। क्योंकि खालिस्तानी समर्थक सीमा पार भी मौजूद हैं। राजस्थान के बॉर्डर वाले जिलों में कई संभावित ठिकानों पर राजस्थान पुलिस, एजेंसियों, एटीएस,एसओजी और स्थानीय पुलिस के सहयोग से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
अमृतपाल सिंह पिछले करीब 27 दिनों से फरार है। पंजाब पुलिस भी उसे लगातार खोज रही हैं। साये की तरह उसके साथ रहने वाला पपलप्रीत हाल ही में पुलिस के हत्थे चढ़ा है। लेकिन अब तक अमृतपाल को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस ने अमृतपाल को पकड़ने के लिए आम जनता से भी सहयोग मांगा है। पंजाब पुलिस ने तो अमृतपाल सिंह की सूचना देने वाले को उचित ईनाम देने और नाम गोपनीय रखने का भी वादा किया है। जगह जगह उसके पोस्टर भी चस्पा किए हैं। राजस्थान पुलिस के साथ ही सेन्ट्रल एजेंसियां भी अमृतपाल के सम्भावित ठिकानों पर रेड मार रही हैं। टेक्नोलॉजी, मुखबिर सूचना तंत्र और अमृतपाल के पकड़े गए साथियों के इनपुट के आधार पर भी खोजबीन की जा रही है। जयपुर से राजस्थान पुलिस हेडक्वार्टर से भी एक सीनियर आईपीएस अफसर को ऑपरेशन के नेतृत्व और मॉनिटरिंग के लिए भेजा गया है। अम़ृतपाल के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने के भी संकेत मिले हैं। विदेश से उसके संगठन को फंडिंग होने का भी शक है। माना जा रहा है कि एनआईए भी इस केस में हस्तक्षेप कर सकती है।

