गुरदासपुरः बटाला में तेज बारिश और आंधी के बीच गांव अलोवाल में देर रात मकान की छत भरभराकर गिर गई। घटना के दौरान घर में बुजुर्ग महिला और उसका बेटा मौजूद था। गनीमत यह रही कि हादसे के दौरान बेटा बुजुर्ग मां को समय रहते ही बाहर लेकर आ गया और बड़ा हादसा होने से टल गया। हालांकि हादसे में घर का काफी सामान मलबे के नीचे दब गया। गांव अलोवाल निवासी हरजिंदर सिंह ने बताया कि वह अपनी करीब 90 वर्षीय माता जोगिंदर कौर के साथ घर में मौजूद थे। देर रात मौसम खराब होने के कारण तेज बारिश और आंधी चल रही थी। इसी दौरान कमरे की छत से धीरे-धीरे छोटे-छोटे टुकड़े गिरने लगे। शुरुआत में उन्हें लगा कि बारिश के कारण प्लास्टर झड़ रहा है, लेकिन कुछ ही क्षण बाद तेज आवाज सुनाई दी।
हरजिंदर सिंह के अनुसार स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तुरंत अपनी बुजुर्ग माता को कमरे से बाहर निकालने का प्रयास किया। जैसे ही दोनों कमरे से बाहर पहुंचे, छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। हादसा इतना अचानक हुआ कि यदि कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती तो बड़ा जानी नुकसान हो सकता था।
हादसे में जोगिंदर कौर को मामूली चोटें आई हैं, जबकि घर के अंदर रखा सामान मलबे में दब गया। छत गिरने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के कई लोग पीड़ित परिवार की सहायता के लिए मौके पर पहुंचे। इनमें बलविंदर सिंह चट्ठा, हरमन गिल, जय सिंह तथा वार्ड के मौजूदा पार्षद के परिजन भी शामिल थे। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि हरजिंदर सिंह का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और उनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है। ऐसे में मकान की मरम्मत करवाना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा। उन्होंने प्रशासन से परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

