अमृतसरः पंजाब पुलिस ने राज्य में देश विरोधी अनसरों और आतंकवाद के खिलाफ मुख्यमंत्री की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आईजी बार्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुलिस टीम ने मई 2026 में हुए आईईडी धमाके के मामले के साथ-साथ एक और गंभीर आतंकवादी साजिश को भी सुलझा लिया है। आईजी भुल्लर ने बताया कि मई 2026 की एक रात को फौज की दीवार के पास मुख्य मार्ग पर आईईडी धमाका किया गया था। यह मामला लंबे समय से अनसुलझा पड़ा था। एसएसपी कंवरप्रीत सिंह चाहल और उनकी टीम ने कठोर मेहनत और पेशेवर ढंग से जांच करते हुए इस मामले में तीन मुलज़िमों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए मुलज़िमों की पहचान रमंदीप, जजप्रीत और अर्शदीप उर्फ केकड़ा के रूप में हुई है। ये सभी अटारी इलाके के रहने वाले हैं। मूल पूछताछ के दौरान सामने आया कि रमंदीप और जजप्रीत ने भारत-पाकिस्तान सीमा से आईईडी की खेप हासिल की थी। इसके बाद विदेशों में बैठे हैंडिलरों के निर्देशों पर यह विस्फोटक सामग्री अर्शदीप उर्फ केकड़ा और उसके साथियों को सौंपी गई। पुलिस अनुसार, अर्शदीप ने मोटरसाइकिल पर जाकर विस्फोटक सामग्री निर्दिष्ट स्थान पर रखी और सुरक्षित दूरी से मोबाइल फोन के जरिए धमाका किया। मुलज़िमों द्वारा इस घटना की वीडियो भी बनाई गई थी।
केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर चलाए गए एक और साझा ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने आईएसआई (ISI) समर्थित एक और मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 9 एमएम की एक ग्लॉक पिस्टल और एआरजीईएस (ARGES) कंपनी का एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया है। इस मामले में मोगा जिले से संबंधित तीन मुलज़िम नवदीप, सैमुअल उर्फ सैमू और संदीप उर्फ टिड्डी को गिरफ्तार किया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही आईजी भुल्लर ने बताया कि इस मॉड्यूल से जुड़े चौथा मुलाज़िम हरमनमोगा के गांव दौलतपुर का रहने वाला है। पुलिस टीम ने उसे भी हिरासत में ले लिया है।
आईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने खुलासा किया कि मुलज़िम दिहाड़ी-मज़दूरी करने वाले नौजवान हैं। उन्हें पाकिस्तान और विदेशों में बैठे पाकिस्तान समर्थित हैंडिलरों द्वारा सोशल मीडिया, खास कर व्हाट्सएप के जरिए, निर्देश और शिक्षा दी जा रही थी। उन्होंने बताया कि हैंडिलरों ने नौजवानों को लालच दिया था कि इस काम के बदले उन्हें बड़ी रकम दी जाएगी और उनके बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे। हालांकि, पुलिस की गहरी जांच के दौरान सामने आया कि मुलज़िमों को अभी तक एक रुपया भी नहीं मिला था। उन्हें सिर्फ़ झूठे भरोसों और लालच के जरिए देश विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा था। आईजी भुल्लर ने कहा कि मुलज़िमों की समय से गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई है।
