सोनभद्रः कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर भाजपा महिला मोर्चा ने प्रदर्शन कर सांसद का पुतला दहन किया और कार्रवाई की मांग की। जानकारी मिलते ही महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष ऊषा चौबे के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेता और महिला कार्यकर्ता भी कार्यालय पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और नोकझोंक से माहौल गरमा गया। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने सांसद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें जेल भेजने की मांग की।
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प्रदर्शन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री पूजा पांडेय ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है। महिलाओं से जुड़े उत्पीड़न के मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष ऊषा चौबे के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वोट चोरी के आरोपों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का मुद्दा उठाया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के विरोध में नारे लगाए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
ऊषा चौबे ने आरोप लगाया कि वोट चोरी का विरोध करने पर देश की बेटियों के साथ दिल्ली पुलिस,भाजपा और आरएसएस द्वारा मारपीट की जा रही है और अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों, किसानों और युवाओं की आवाज दबाई जा रही है। महिला पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या देश में लोकतंत्र सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वोट चोरी के मुद्दे पर लगातार संघर्ष कर रहे हैं।कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग दोहराई। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ता और कांग्रेस कार्यकर्ता के दर्जनों लोग शामिल थे।
