जालंधरः महानगर में दिवाली के त्योहार से पहले पठानकोट रोड पर स्थित गांव राओवाली में लगने वाली अस्थाई पटाखा मार्केट को लेकर विवाद शुरू हो गया है। इस मार्केट को लगाने के लिए चुनी गई जगह पर पेट्रोल पंप के संचालक रामजनक कैंथ और गांव के सरपंच जसवीर सिंह राणा ने कड़ा विरोध जताया है।
उनका कहना है कि पटाखों की बिक्री के लिए ऐसी जगह चुनी जानी चाहिए, जहां लोगों की सुरक्षा को कोई खतरा न हो। पटाखे बहुत जल्दी आग पकड़ सकते हैं। ऐसे में अगर मार्केट पेट्रोल पंप, नेशनल हाईवे और रिहायशी इलाकों के पास लगाई जाती है, तो किसी बड़े हादसे का खतरा बढ़ सकता है। पेट्रोल पंप संचालक और गांव के सरपंच का कहना है कि पटाखों की मार्केट के लिए जगह तय करते समय सुरक्षा नियमों का खास ध्यान रखना जरूरी है।
उनके अनुसार, पेट्रोल पंप के पास पटाखों की दुकानें लगाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि पेट्रोल और पटाखे दोनों ही आग लगने की स्थिति में बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा, इस जगह के पास नेशनल हाईवे और घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके भी हैं। ऐसे में अगर पटाखों में आग लगने की कोई घटना होती है, तो आसपास रहने वाले लोगों, दुकानदारों और सड़क से गुजरने वाले लोगों की जान को खतरा हो सकता है।
नियमों की अनदेखी से हो सकता है बड़ा हादसा
स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि पटाखा मार्केट लगाने के दौरान तय नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। अगर सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज किया जाता है, तो किसी भी अनहोनी की स्थिति में जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।
इसी वजह से पेट्रोल पंप संचालक और गांव के सरपंच इस जगह पर पटाखा मार्केट लगाने को लेकर अपनी चिंता जाहिर किया। उनका मानना है कि प्रशासन को लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ही बाजार लगाने की अनुमति देनी चाहिए।
जिला प्रशासन ने जारी की सख्त गाइडलाइंस
पटाखा मार्केट की जगह को लेकर उठ रहे सवालों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच जिला प्रशासन ने 5.5 एकड़ जमीन पर अस्थाई पटाखा बाजार लगाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने दुकानों की जगह और उनके बीच की दूरी को लेकर कुछ जरूरी नियम तय किए हैं, ताकि आग लगने जैसी किसी भी घटना के खतरे को कम किया जा सके।
नेशनल हाईवे, पेट्रोल पंप और घरों से 50 मीटर की दूरी जरूरी
जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार, पटाखों की सभी अस्थाई दुकानों और स्टॉल्स को नेशनल हाईवे, पेट्रोल पंप और रिहायशी इलाकों से कम से कम 50 मीटर दूर लगाना होगा।
इस नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पटाखा मार्केट और आसपास के संवेदनशील स्थानों के बीच पर्याप्त दूरी बनी रहे। इससे किसी संभावित दुर्घटना की स्थिति में नुकसान के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
फैक्ट्रियों और पार्किंग से भी रखनी होगी दूरी
प्रशासन ने फैक्ट्रियों और पार्किंग एरिया को लेकर भी दूरी तय की है। नियमों के मुताबिक, पटाखों की दुकानों को फैक्ट्रियों और पार्किंग वाली जगहों से कम से कम 15 मीटर दूर रखना अनिवार्य होगा। इसका मकसद यह है कि पटाखों की दुकानों के आसपास पर्याप्त खाली जगह बनी रहे और आग लगने की स्थिति में खतरा बढ़ने से रोका जा सके।
दो पटाखा दुकानों के बीच 3 मीटर का फासला जरूरी
पटाखा मार्केट में दुकानों के बीच की दूरी को लेकर भी प्रशासन ने नियम बनाया है। इसके अनुसार, दो पटाखा स्टॉल्स के बीच कम से कम 3 मीटर की दूरी होनी चाहिए। दुकानों के बीच पर्याप्त जगह रहने से लोगों की आवाजाही आसान होगी और आपातकालीन स्थिति में राहत और बचाव कार्य करने में भी मदद मिल सकती है।
