पठानकोटः जिले को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस संबंध में मीडिया से बातचीत करते हुए जिला उपायुक्त ने बताया कि वे एसएसपी और साथी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शहर के एक पार्क में मुआयना करने पहुंची हैं, जिसे नशे के हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है।
अधिकारी ने जानकारी दी कि जिले में सर्वे और विश्लेषण के आधार पर 8 प्रमुख ‘ड्रग हॉटस्पॉट्स’ की पहचान की गई है। राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के तहत पूरे राज्य में “युद्ध नशा विरुद्ध” अभियान चल रहा है। इसके तहत सिविल प्रशासन और पुलिस की टीमें मिलकर इन सभी संवेदनशील इलाकों को पूरी तरह नशा मुक्त करने के लिए ठोस रणनीति पर काम कर रही हैं।
प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि चिह्नित किए गए सभी हॉटस्पॉट्स के लिए वरिष्ठ सिविल और पुलिस अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो लगातार जमीनी स्तर पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। सार्वजनिक स्थलों और पार्कों में रात के समय नशाखोरी जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए पर्याप्त लाइटिंग और सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जा रहा है, ताकि पूरा क्षेत्र सर्विलांस के दायरे में रहे। इसके साथ ही पुलिस की गश्त और प्रवर्तन को भी काफी कड़ा कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि नशे से प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से नशा-मुक्ति केंद्रों (डी-एडिक्शन) से जोड़कर मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि पार्कों और सार्वजनिक स्थानों को जनता के लिए सुरक्षित और उपयोगी बनाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की।
इसी के साथ क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन से जुड़े पत्रकार के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि खनन विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार केवल वैध खनन की ही अनुमति होगी। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
