अधिकारियों की जांच के बाद मामला हुआ शांत
जालंधर, ENS: नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स की ओर से आज गांधी कैंप में घरों में लगने वाली प्लेट को लेकर सर्वे करवाया जा रहा है। ऐसे में नए बने सेक्टर 16 में अधिकारी घरों पर लगी प्लेट की शिकायतों को लेकर जांच कर रहे थे और उन्हें ऑनलाइन अपडेट कर रहे थे। लेकिन इस दौरान इलाका निवासियों द्वारा उक्त अधिकारियों का विरोध किया गया। घटना के दौरान काफी हंगामा देखने को मिला। दरअसल, लोगों का आरोप है कि उनके इलाके ने प्लेट की जांच को लेकर फर्जी अधिकारी आ गए है। जिसके बाद लोगों द्वारा इलाका पार्षद को मामले संबंधी सूचना दी गई।
वहीं पार्षद द्वारा उक्त अधिकारी को दफ्तर में बिठाकर दस्तावेज को लेकर जांच की गई। जिसके बाद जांच में उक्त अधिकारी सही पाए गए। दरअसल, दूसरे राज्य से आने के कारण लोग उक्त अधिकारी को फर्जी समझने लगे थे। नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स इंस्पेक्टर राजविंदर गिल ने कहाकि सर्वे किए जाने को लेकर अधिकारी का विरोध किया जा रहा है। लोगों द्वारा विरोध किया जा रहा था कि वह सर्वे नहीं करने देंगे। इसका मुख्य कारण यह है कि वह बाहरी राज्य के अधिकारी है। इसी मामले को लेकर पार्षद से मुलाकात करने पहुंचे। हालांकि पार्षद द्वारा उनका विरोध किए जाने को लेकर इंस्पेक्टर ने कहा कि पार्षद को अधिकारियों की लिस्ट ग्रुप में भेजी जा रही है। ऐसे में पार्षद की अगुवाई में सर्वे करवाया जाएगा।
सर्वे अधिकारी रविंदर बहादुर ने बताया कि वह सेक्टर 16 के ब्लाक ए में काम कर रहे थे। इस दौरान यूआईडी नंबर के डाटा को वेरीफाई करने के लिए लोगों को घरों में जाकर परिजनों के नाम की जांच की जाती है। जिसके बाद प्रॉपर्टी का यूआईडी नंबर प्लेट को लेकर ऑनलाइन अपडेट कर देते है। वहीं लोगों द्वारा उन्हें फर्जी अधिकारी बताने पर कहा कि रविवार को उसने आथोराइट पत्र मानक महावीर स्टाफ के अधिकारी को भेजा हुआ है। इस दौरान पार्षद अविनाश से बात की गई और वह टीम के साथ पिछले 3 घंटे से उनके दफ्तर में बैठे हुए है।
गांधी कैंप के पार्षद अविनाश के साथी रवनीत ने कहा कि पार्षद के कामकाज की वह देखरेख कर रहे है। उन्होंने कहा कि सेक्टर 16 को लेकर बनाए गए घरों के बाहर की नंबर प्लेट की जांच की जा रही है। ऐसे में लोगों द्वारा अधिकारियों को फर्जी कहे जाने पर कहा कि उक्त अधिकारी बाहरी राज्य के है और उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। ऐसे में उक्त अधिकारियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स के सुपरिटेंडेंट महिब सरीन ने कहाकि उक्त अधिकारी फर्जी नहीं है। उन्होंने कहाकि मैसेज कंपनी कोे जीआईएस सर्वे के लिए कॉट्रैक्ट दिया गया है। 2023 में लोगों के घरों में लगी प्लेट में कुछ गलतियां रह गई थी या लोगों की शिकायतें आ रही थी कि उनके घरों पर प्लेट नहीं लगी है या सही नहीं है, ऐसे में उसके लिए सर्वे का काम कंपनी को सौंपा गया है। जिसके तहत आज अधिकारी सर्वे करने के लिए गांधी कैंप गए हुए थे। उन्होंने कहा कि अगर उक्त अधिकारी को फर्जी कहकर जबरदस्ती बिठाने के मामले में शिकायत आती है तो वह उच्च अधिकारियों को अवगत करवाएंगे।
