आरोप- पुलिस नहीं कर रही कोई कार्रवाई, पहले भी हो चुके है घर पर हमले
फगवाड़ाः फगवाड़ा-होशियारपुर रोड पर पुरानी रंजिश को लेकर एक पक्ष ने दूसरे पक्ष की गाड़ी पर फायरिंग की। इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। घटना में गाड़ी पर गोलियों के निशान दिखाई दे रहे है। मामले की जानकारी देते हुए पलाइगेट के रहने वाले पीड़ित राहुल सहोता ने बताया कि उसका दूसरे पक्ष के साथ काफी समय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि दूसरा पक्ष उनके वाल्मीकि समाज के बारे में गलत शब्दावली का प्रयोग करते है और उसके पास उनकी रिकार्डिंग भी मौजूद है। आरोप है कि अमन बसरा, साबी बसरा दोनों भाई है और उनके साथ हैप्पू ढंडा, वेद सहित कुछ कांग्रेस नेता शामिल है।
घटना को लेकर पुलिस को शिकायत दे दी गई है। पीड़ित का आरोप हैकि प्रशासन ने उनका कोई साथ नहींं दिया। इससे पहले उसके घर पर 5 से 7 बार हमला हो चुका है। मामले संबंधी थाने में शिकायतें भी दी गई और रिपोर्ट भी दर्ज करवाई गई, लेकिन दूसरे पक्ष पर पुलिस द्वारा कोई पर्चा दर्ज नहीं किया गया। पीड़ित ने कहाकि उसके पास सभी दस्तावेज मौजूद है, जिसमें उसने एडवोकेट के जरिए ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करवाई है, लेकिन कोई पुलिस अधिकारी बयान लेने उनके घर नहीं आया। राहुल ने कहाकि कुछ दिन पहले फिर से उसके घर पर हमला हुआ। पीड़ित ने कहा कि वह जमानत से बाहर आया है और इस दौरान थाना प्रभारी ने उसे विवाद दोबारा ना होने के कारण कुछ समय के लिए शहर से बाहर रहने की सलाह दी थी। जिसके कारण वह शहर से बाहर रह रहा है।
ऐसे में वह अब अपनी माता से मिलने के लिए आया था और वह माता को प्रसाद देकर गली से निकला ही था, तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने एक्टिवा उसकी गाड़ी के पीछे लगा ली और उस पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। राहुल का कहना है कि उसने जान बचाने के लिए गाड़ी होशियारपुर की ओर भगा ली और अपनी जान बचाई। इस घटना को अंजाम 8 से 9 नौजवानों ने दिया है। पीड़ित के अनुसार उस पर फायरिंग अमन बसरा, साबी बसरा, टोनी, नना वालिया सहित अज्ञात लोगों ने की है। आरोपियों ने उस पर 6 से 7 बार गोलियां चलाई है। घटना के बाद उसी समय रात को थाने में शिकायत दी। पीड़ित का आरोप है कि अब भी पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। वह क्राइम छोड़कर अब सुधर गया है, लेकिन उसे आराम से बैठने नहीं दिया जा रहा। आरोप है कि हमलावर रेहड़ी चालकों से पैसे मांगते है और पैसे ना मांगने पर उन पर हमला कर देते है। पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाई है।
