पंप एसोसिएशन के प्रधान ने बताई गाड़ी मिसिंग की असल वजह
जालंधर, ENS: देशभर में इन दिनों एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल E20 को लेकर बहस तेज हो गई है। दरअसल, आए दिन कुछ लोगों द्वारा दावा किया जा रहा है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से बाइक और कार के इंजन को नुकसान पहुंचता है, माइलेज कम हो जाता है और वाहन की परफॉर्मेंस प्रभावित होती है। हालांकि वहीं दूसरी ओर कुछ लोग XP95 और XP100 जैसे प्रीमियम पेट्रोल को बेहतर विकल्प बताकर सामान्य उपभोक्ताओं को सलाह दे रहे हैं। वहीं इस मामले को लेकर आज कुछ मैकेनिकों और आम जनता से एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल E20 को लेकर बात की गई, तो उन्होंने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल E20 को लेकर गाड़ियां खराब होने की वजह बताई। मामले की जानकारी देते हुए मैकेनिक राजकुमार ने कहा कि जब से पेट्रोल E20 से उनके पास कई गाड़ियां खराब होने के मामले में सामने आए है।
राजुकमार ने कहा कि इससे कस्टमर को खराब हो ही रहा है, इसी के साथ मैकेनिक को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस पर ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने कहाकि पहले 5 साल में कभी कोई गाड़ी खराब होने का मामला सामने आता था, लेकिन अब महीने में रोजाना 2 से 3 गाड़ियों की शिकायत आती है। ऐसे में लोग लगातार परेशान हो रहे है। मैकेनिक ने बताया कि एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल E20 के कारण गाड़ी मिसिंग करने लग जाती है और उसकी माइलेज भी कम हो जाती है। एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल E20 से कारों के खराब होने की शिकायत काफी ज्यादा है। वहीं हरदीप सिंह ने कहाकि एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल E20 से गाड़ियों की एवरेज कम होने लगी है और मिसिंग काफी आ रही है।
रोजाना उनके पास ग्राहक कारो की एवरेज कम होने के लिए शिकायतें लेकर आ रहे है। इस दौरान एक गाड़ी से पेट्रोल बोतल में निकालकर हरदीप ने दिखाया कि पेट्रोल की सतह ऊपर रह जाती है और एनथोल की सतह नीचे रह जाती है। यही कारण है कि गाड़ियां मिसिंग करने लग जाती है और उनकी एवरेज कम हो रही है। हरदीप ने कहा कि गाड़ियों में ऑटो सेंसर की शिकायत कभी नहीं आई थी, लेकिन अब ऑटो सेंसर की शिकायतें काफी ज्यादा आ रही है। हरदीप ने कहा कि नई एक्टिवा के पंप काफी खराब होने लगे है। उनका कहना हैकि पहले 5 प्रतिशत एनथोल पाया जाता था, लेकिन अब 20 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे लोगों की गाड़ियों की शिकायतें आ रही है।
इस दौरान पंप एसोसिएशन के प्रधान सुखमोहन सिंह का कहना है कि एनथोल पेट्रोल के अंदर काफी समय से आ रहा है। उन्होंने कहाकि गाड़ियों की एवरेज कम होने की बातें अचानक बढ़ने लगी है। हालांकि ऑयल कंपनियों का कहना हैकि एनथोल बढ़ने से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सवा साल से एनथोल बढ़कर चल रहा है। एसोसिएशन के प्रधान ने काहकि एथनोल अगर खुला रखा जाए तो पानी की मात्रा को अपने में खींच लेता है और पेट्रोल को अलग कर देता है। ऐसे में इससे पेट्रोल और एनथोल अलग हो जाता है, जिससे मिसिंग की शिकायतें सामने आ रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि पेट्रोल की टंकी में पानी जाने से बचाव रखें। उन्होंने कहा कि जब तक एनथोल पानी के संपर्क में नहीं आएगा, तब तक गाड़ी की मिसिंग की शिकायतें नहीं आएगी। लेकिन पानी के संपर्क में आने से मिसिंग की शिकायतें बढ़ेंगी।
