लुधियानाः केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू सुबह अलग अंदाज में दिखाई दिए। दरअसल, आज वह लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने कोई दौरा या निरीक्षण नहीं किया बल्कि खुद हाथों में दस्ताने (ग्लव्स) पहनकर मंत्री बिट्टू सीधे रेलवे ट्रैक पर उतर गए और पटरियों के बीच पड़ा कचरा खुद अपने हाथों से उठाकर काले डस्टबिन बैग में भरने लगे। उनके इस कदम को देखकर स्टेशन पर मौजूद यात्री और रेलवे अधिकारी भी हैरान रह गए। सफाई अभियान के दौरान उन्होंने रेलवे ट्रैक से पानी की दर्जनों खाली बोतलें, चिप्स के पैकेट, गुटखा और तंबाकू के पाउच निकाले। इस दौरान उन्होंने देश की जनता के नाम एक कड़ा और जागरूक करने वाला संदेश भी दिया।
इस दौरान मंत्री ने ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों से हाथ जोड़कर अपील की। उन्होंने कहा,अगर आप ट्रेन में कुछ खाते-पीते हैं, तो उसका खाली पैकेट या बोतल खिड़की से बाहर पटरियों पर न फेंकें। उसे मोड़कर अपने बैग में रख लें या फिर ट्रेन और प्लेटफॉर्म पर रखे डस्टबिन में ही डालें। जो चीज मुंह में जा सकती है, उसका कचरा डस्टबिन में क्यों नहीं जा सकता? लोगों को प्रेरित करने के लिए उन्होंने चंडीगढ़ के एक पूर्व डीआईजी का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि 75-76 साल की उम्र में रिटायरमेंट के बाद उस पूर्व अधिकारी ने एक रेहड़ी ली और सड़कों की सफाई शुरू कर दी।
उनके इस निस्वार्थ काम के लिए देश ने उन्हें ‘पद्मश्री’ से नवाजा है। बिट्टू ने कहा कि आज हमें ऐसे लोगों पर फिल्में बनानी चाहिए और उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। हमें अपनी आदतें सुधारनी होंगी वीडियो के अंत में मंत्री बिट्टू ने कहा कि केवल सरकार या रेलवे के सफाई कर्मचारी ही इस देश को साफ नहीं रख सकते, जब तक आम नागरिक अपनी आदतें नहीं सुधारेंगे। उन्होंने सभी एनजीओ (NGOs), सामाजिक संस्थाओं, आम जनता और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी आह्वान किया कि वे अपने कीमती समय में से कुछ घंटे निकालकर स्वच्छता अभियान में अपना योगदान जरूर दें, ताकि आने वाली पीढ़ी को एक साफ-सुथरा और स्वस्थ भविष्य मिल सके।
सफाई करते हुए मंत्री बिट्टू ने स्पष्ट किया कि वे यह सब किसी पब्लिसिटी स्टंट के लिए नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा,मैं यह कोई दिखावा नहीं कर रहा हूँ। यह काम मशीनों से या सैकड़ों सफाई कर्मचारियों को लगाकर भी किया जा सकता है, लेकिन आज मेरे खुद ऐसा करने का मकसद सिर्फ आप सबको और देशवासियों को जगाना है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लाल किले की प्राचीर से ‘स्वच्छता’ का ही संदेश दिया था, जिसका हमें पालन करना चाहिए। बिट्टू ने बहुत ही सलीके से लोगों को समझाते हुए कहा,जब हमारे घर में कोई रिश्तेदार आने वाला होता है, तो हम घर का कोना-कोना चमका देते हैं। हमें सार्वजनिक जगहों को भी अपना घर समझना चाहिए। स्वच्छता के साथ ही हमें बीमारियों से बचना है।
