फगवाड़ाः शहर की सब्जी मंडी इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां कब्जे की गई झुग्गियों की पर्ची भी सब्जी मंडी में काट दी गई, जबकि झुग्गियों में रहने वाले प्रवासियों ने मंडी के ठेकेदार साई पर आरोप लगाया कि हम मंडी में अपनी ही झुग्गी में रह रहे हैं। ऐसे में हमसे झुग्गी के 500 रुपए पर्ची के लिए जा रहे है। जब पूछा गया कि यह पैसे किस चीज के काटे जा रहे है तो कहा गया है कि आपने मंडी में कब्जा किया हुआ है और यह उसकी पर्ची काटी गई है। ऐसे में जब ठेकेदार साई से इस संबंध में संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि मंडी में रहने के लिए काटी गई है।
ठेकेदार को अनुसार झुग्गियों में रहने वाले मंडी के पानी और कई अन्य चीजों का उपयोग करते हैं। जिसके बाद जब इस संबंध में मंडी बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग मानखंड से बात की तो उन्होंने कहा कि ये ठेकेदार अपनी मर्जी से काम करते हैं। इनको पहले भी नोटिस भेजे गए है। उन्होंने कहा कि आज जो मामला सामने आया है, वह उनके ध्यान में नहीं है। ऐसे मे अगर ऐसी कोई बात सामने आती है तो दोबारा से ठेकेदार के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। पीड़ित कर्मी ने कहा कि साईं ने झुग्गी बनाने के लिए ठेकेदार साईं ने 500 रुपए की पर्ची काटी है।
पीड़ित के अनुसार उन्हें 4 माह से अधिक समय हो गया है। उन्होंने कहा कि वैसे तो वह काफी सालों से यहां रह रहे है। ऐसे में वह कभी अंदर रहते है तो कभी बाहर रहते है। दरअसल, इससे पहले नगर निगम द्वारा झुग्गियां हटाने के लिए कहा गया था और उनके द्वारा हटा दी गई थी। लेकिन अब ठेकेदार द्वारा झुग्गियां बनाने के लिए पहले 1000 रुपए मांगे गए थे और उसके बाद 500 रुपए में बात तय हुई। पीड़ित के अनुसार ठेकेदार ने अब पर्ची काटने का सिलसिला शुरू किया। पीड़ित ने पर्ची दिखाई, जिसमें 11 तारीख की पर्ची काटी हुई है। पीड़ित के अनुसार 100 झुग्गियां है और सभी की पर्ची काटी गई है। हालांकि इसमें यह भी नहीं बताया गया कि पर्ची एक महीने की है या एक साल की है। हैरानी की बात यह है कि पर्ची पर पैसे लेने की रकम भी नहीं लिखी हुई है।