चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि उनकी सरकार का नहरी सिंचाई अभियान पंजाब की कृषि व्यवस्था को बदल रहा है, जिससे धान की पैदावार में बड़ा इजाफा हो रहा है। उन्होंने कहा कि भूजल स्तर के गिरने का सिलसिला रुका है, जिससे पानी का स्तर चार मीटर ऊपर आया है। नहरी पानी को “पंजाब की फसलों के लिए देशी घी” बताते हुए उन्होंने कहा कि 14,000 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइनों की मदद से अब 18,000 क्यूसेक पानी खेतों तक पहुंच रहा है और इस नेटवर्क को बढ़ाने के लिए 6,000 किलोमीटर और पाइपलाइन बिछाने की योजना है। उन्होंने कहा कि सरकार का मिशन हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाना, भूजल के बेशकीमती भंडारों की रक्षा करना और पंजाब के किसानों का भविष्य सुरक्षित करना है।
एक्स पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा: “16वीं पंजाब विधान सभा के 13वें सत्र के दौरान पंजाब के किसानी समुदाय और लोकतंत्र की रक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। कृषि खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने के हमारे प्रयासों के सार्थक नतीजे सामने आए हैं। 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाकर हमने भूजल की बचत की है। खनिजों से भरपूर नहरी पानी खेतों तक पहुंचने से इस सीजन में धान का झाड़ लगभग 90 मन प्रति एकड़ तक पहुंच गया है।

उन्होंने सिंचाई सुधार के पूरे प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए फसल-वार उत्पादन के आंकड़ों को रिकॉर्ड करने और सत्यापित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नहरी पानी प्राप्त करने वाले क्षेत्रों में धान की पैदावार बढ़ने की रिपोर्टें इस पहल का लाभ होने के योजनाबद्ध मूल्यांकन करने की महत्वता को दर्शाती हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार नहरी नेटवर्क को मजबूत करना, पाइपलाइन-आधारित वितरण का विस्तार करना और पानी के सुचारू इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना जारी रखेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पंजाब की कृषि अपने प्राकृतिक संसाधनों को खत्म किए बिना उपजाऊ बनी रहे। उन्होंने आगे कहा, “यह हमें हमारे भूजल के कीमती संसाधनों को बहाल करने में मदद करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि पंजाब हमारी कृषि के लिए पानी की रक्षा करते हुए देश का पेट भरने में देश का नेतृत्व करता रहे।”