चंडीगढ़: हरियाणा में कौशल विकास और युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य में पहली बार शुरू की जा रही “पीएम -सेतु” (अपग्रेडेड ITI के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार क्षमता परिवर्तन) योजना के कार्यान्वयन और इसके बजट प्रावधानों को हरी झंडी दे दी गई।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के अपग्रेड किए गए आईटीआई से पास होने वाले कुशल युवाओं की अधिक से अधिक नौकरियां सुनिश्चित करना और उन्हें उद्योग जगत की जरूरतों के अनुसार बेहतर सैलरी पैकेज दिलाना है।
केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित “पीएम -सेतु” योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2024-25 में की गई थी, जिसे बजट 2025-26 में और विस्तार दिया गया है। इस योजना का कुल राष्ट्रीय बजट ₹60,000 करोड़ है, जिसमें केंद्र सरकार का अंश ₹30,000 करोड़, राज्यों का अंश ₹20,000 करोड़ और उद्योग जगत (इंडस्ट्री) का योगदान ₹10,000 करोड़ रहेगा।

हरियाणा सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से राज्य का आईटीआई ढांचा पूरी तरह से विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा, जिससे प्रदेश के युवाओं को आधुनिक युग की तकनीक का प्रशिक्षण मिलेगा और उनके लिए देश-विदेश की शीर्ष कंपनियों में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।