नई दिल्ली : नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दुद्धी विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक रामदुलार गोंड को सोनभद्र की एमपी/एमएलए कोर्ट ने 25 साल की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने गोंड पर 10 लाख का जुर्माना लगाया है। इस मामले में कोर्ट ने 12 दिसंबर को बीजेपी विधायक को दोषी करार दिया था, साथ ही जेल भेज दिया गया था। इससे पहले जब बीजेपी विधायक को दोषी करार दिया गया तब पीड़िता के वकील विकास शाक्य ने बताया था, केस के दौरान पीड़िता को समझौता करने के लिए रुपयों का लालच दिया गया था। इतना ही नहीं तरह-तरह से धमकियां भी दी गईं थीं। उन्होंने कहा था- दोषी करार दिए गए विधायक रामदुलार सिंह गौड़ ने पीड़िता की शादी के बाद उसकी ससुराल जाकर भी धमकियां दी थीं।

रसूख का इस्तेमाल कर कई तरह से दबाव बनाने की कोशिश की थी। उसकी सारी योजना फेल हो गईं। पीड़ित पक्ष अपनी बात पर अडिग रहा और केस में लगातार पैरवी करता रहा। दुष्कर्म के बाद पीड़िता गर्भवती हो गई थी। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई थी। डीएनए जांच के लिए भी कहा गया था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। दूसरे पक्ष ने इसे आधार बनाकर बचने की कोशिश की। सुनवाई पूरी होने के बाद हमारे हक में फैसला आया। शाक्य ने बताया कि पीड़िता को बालिग साबित करने के लिए आरोपी पक्ष द्वारा परिवार रजिस्टर नकल में मिलीभगत करके उसकी उम्र बढ़ा दी गई थी। कोर्ट में पेशी के दौरान पीड़िता की जन्मतिथि की पुष्टि नहीं हुई थी। प्राथमिक विद्यालय के स्कूल के सर्टिफिकेट से साबित हो गया कि पीड़िता नाबालिग थी।
