नई दिल्ली: आज से एक पहले 7 मई 2025 को भारतीय वायुसेना ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित मुखालय मरकज सुभानल्लाह पर भारतीय समय अनुसार, 1 बजकर 07 मिनट 24 सेकेंड पर मिसाइल से स्ट्राइक की थी। जहां 1 बजकर 7 मिनट 24 सैकेंड पर पहली मिसाइल ने मरकज सुभान्नलाह के प्रमुख कंपाउंड और परिसर को तहस नहस कर दिया था। इस मिसाइल स्ट्राइक के बाद परिसर तीन गुंबद तबाह हो चुके थे। मरकज के मुख्य हाल में बड़ा सा गड्ढा बन गया था।
हालांकि अक्टूबर 2025 में पाकिस्तान की सरकार की ओर से मिले 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये के बाद आज एक साल के बाद आतंकी जैश-ए-मोहम्मद ने ऑपरेशन सिंदूर में ध्वस्त हुए अपने मरकज सुभानल्लाह कंपाउंड को फिर से बनाना शुरु कर दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जैश-ए मोहम्मद के हेडक्वार्टर मरकज सुभानल्लाह के अंदर और बाहर दोनों की एक्सक्लूसिव तस्वीरें और वीडियो मौजूद है। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने कुल 3 मिसाइल स्ट्राइक मरकज सुभानल्लाह परिसर में की थी।
जिसमें जैश-ए-मोहम्मद का मदरसा अल साबिर और एक रिहायशी मकान भी था। जिसमें आतंकी मसूद अजहर के परिवार के सदस्य जो जैश ए मोहम्मद के आतंकवाद का काम देखते थे वो रहते थे। उस हमले में मसूद का बहनोई और भारत का वांटेड आतंकी यूसुफ अजहर, मसूद का बहनोई और मरकज सुभानल्लाह का प्रमुख का हाफिल जमील अहमद आतंकी रऊफ असगर का गोद लिया हुआ बेटा हुज़ैफ़ा अजहर जो अफगानिस्तान में जैश ए मोहम्मद के ऑपरेशन्स देखता था और हाफिज जमील का बेटा हमजा जमील जो जैश ए मोहम्मद का ट्रेंड आतंकी था उसकी मौत हुई थी।
भारतीय स्ट्राइक में पूरी तरह तहस नहस
भारतीय स्ट्राइक में मदरसा अल साबिर और रिहायशी मकान पूरी तरह तहस नहस हो गए थे। ऐसे में उस जगह से आज एक साल बाद मलबा हटा दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी सरकार से मिले 25 करोड़ पाकिस्तान रुपये से जैश-ए-मोहम्मद वापिस मदरसा अल साबिर और रिहायशी मकान का निर्माण करेगी। एबीपी न्यूज के पास मौजूद एक्सक्लूसिव तस्वीरों में ईंट के चट्टे भी परिसर के गेट पर दिखाई दे रहे हैं जिनका इस्तेमाल मदरसा अल साबिर और रिहायशी मकान की नींव भरने के लिए किया जाएगा।
