लुधियानाः नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी और पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के निर्देशों पर आज कई शहरों में नेशनल लोक अदालतें चल रही हैं। इन अदालतों में बरसो पुराने केसों का निपटारा भी हो रहा है। इसी कड़ी में लुधियाना में भी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण हरप्रीत कौर रंधावा की देखरेख में लोक अदालत लगाई। लुधियाना मुख्यालय सहित जगराओं, समराला, खन्ना और पायल की सब-डिवीजनों में सुबह से ही पक्षकारों की भारी भीड़ उमड़ी।
लुधियाना में कुल 58 बेंच (48 जिला मुख्यालय और 10 सब-डिवीजन में) ने करीब 1,15,000 मामले टेक-अप किए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण हरप्रीत कौर रंधावा ने बताया कि उनका लक्ष्य है कि शाम तक लगभग 1,10,000 मामलों का निपटारा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अकेले चेक बाउंस (Section 138) के 1.25 लाख से ज्यादा मामले लंबित पड़े हैं।
मीडिया से बातचीत करते उन्होंने कहा कि लोक अदालत का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यहां होने वाले फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती। लोक अदालत में जब 2 पक्ष आपसी सहमति से राजीनामा करते हैं तो मुकदमेबाजी जड़ से खत्म हो जाती है। इससे न केवल समय बचता है बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है। न्यायाधीश ने बताया कि लुधियाना में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट (138) के मामलों की संख्या बहुत अधिक है। इसे देखते हुए 18 जुलाई को विशेष रूप से चेक बाउंस (138 NI Act) के मामलों के लिए स्पेशल लोक अदालत लगाने की बात कही।
उन्होंने बताया कि अगली नेशनल लोक अदालत 12 सितंबर 2026 को आयोजित होगी, जिसमें सभी श्रेणियों के केस लिए जाएंगे। इस दौरान युवाओं को न्यायाधीश रंधावा ने भावुक और व्यावहारिक सलाह दी कि आज उन्होंने खुद कई जोड़ों की काउंसलिंग की है। शादी की शुरुआत में दिक्कतें आना स्वाभाविक है। अगर पति-पत्नी थोड़े सब्र और समझदारी से काम लें, तो तलाक की नौबत नहीं आएगी और घर हंसते-बसते रहेंगे।
