लुधियानाः पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के दौरान ब्लॉक मलौद में तैनात ब्लॉक विकास पंचायत अधिकारी सुखजीत कौर को 15,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आज यहां यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी अधिकारी को गांव सोहियाँ, जिला लुधियाना के एक निवासी द्वारा दर्ज करवाई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि गांव सोहियाँ में मत पास कराने के बाद गली में इंटरलॉक टाइलें बिछाने और ड्रेन का काम किया गया था।
इस संबंध में शिकायतकर्ता ब्लॉक मलौद की बीडीपीओ सुखजीत कौर के पास पहुंचा, पर बिल पास करने के बजाय उसने 15,000 रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता को मजबूर होकर आरोपी अधिकारी को मौके पर ही 5,000 रुपये रिश्वत के रूप में देने पड़े और बीडीपीओ ने उससे बाकी बकाया 10,000 रुपये भी जल्द चुकाने के लिए दबाव डाला। इसके अलावा, उसने बताया कि कार्यकारी इंजीनियर लुधियाना द्वारा बीडीपीओ मलौद को एक पत्र जारी किया गया था कि गांव सोहियाँ में खेल मैदान का उद्घाटन होना है, इसलिए 2 दिनों के अंदर ग्राम पंचायत अपने स्तर पर जमीन को समतल कराए।
इस संबंध में ग्राम पंचायत सोहियाँ ने अपने खर्च पर खेल के मैदान को समतल कराया था। प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोपी बीडीपीओ सुखजीत कौर से मिला और खेल मैदान को समतल करने तथा जमीन में घास/झाड़ियाँ लगाने के लिए बिल पास कराने की बात की, फिर आरोपी बीडीपीओ ने जमीन को समतल करने और जमीन में घास/पौधे लगाने के लिए बिल पास कराने हेतु 15,000 रुपये की रिश्वत की मांग की।
इस संदर्भ में, शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने की पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी। गैर-कानूनी रिश्वत देने से इनकार करते हुए, शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो यूनिट लुधियाना से संपर्क किया। शिकायतकर्ता की शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद, विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने आरोपी बीडीपीओ को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में आरोपी के विरुद्ध विजिलेंस ब्यूरो ने थाना लुधियाना में भ्रष्टाचार रोधी कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है और इस मामले की आगे की जांच जारी है।
