मनोरंजन: ट्विटर के सीईओ रह चुके पराग अग्रवाल एक बार फिर चर्चा में हैं। एलन मस्क ने जब जैक डोर्सी ने Twitter खरीदा था। अब अग्रवाल ही कंपनी के सीईओ थे। मस्क ने ट्विटर खरीदने के बाद कुछ ही समय में पराग अग्रवाल को निकाल दिया था।
हारवर्ड स्टडी में हुआ खुलासा
इसके बाद उन्होंने ट्विटर का नाम एक्स कर दिया था। पराग अग्रवाल ने ट्विटर के बाद एक AI कंपनी बनाई है। अब इस कंपनी की वैल्यू करीबन 2 बिलियन डॉलर यानी लगभग 19,000 करोड़ तक पहुंच गई है। पराग अग्रवाल वहीं शख्स हैं जिन्हें 2022 में एलन मस्क ने ट्विटर से हटाया था। इमरजेंसी में डॉक्टर्स ने बेहतर काम कर रहा है।
उस समय यह खबर काफी चर्चा में रह चुकी थी। माना जा रहा था कि उनका करियर थोड़ा धीमा पड़ सकता है परंतु जब उन्होंने जबरदस्त वापसी की है। अपनी नई कंपनी के जरिए फिर से टेक इंडस्ट्री में मजबूत पकड़ बना ली है।
एआई कंपनी पैरेलल वेब सिस्टम
पराग अग्रवाल की कंपनी का नाम पैरेलल वेब सिस्टम जो एआई से एंडवास्ड टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। हाल ही में इस स्टार्टअप ने नई फंडिंग हासिल की है। इसके बाद इसकी वैल्यू तेजी से बढ़कर अरबों डॉलर में पहुंच गई है।
We raised a Series B led by @sequoia at a $2 billion valuation and I’m excited to welcome @andrew__reed to our board.
All our existing investors doubled down: @kleinerperkins, @IndexVentures, @khoslaventures, @firstround, @sparkcapital, @AbstractVC, and @terraincap. pic.twitter.com/0u5YaqX4fG
— Parag Agrawal (@paraga) April 29, 2026
खास बात यह है कि कंपनी अभी शुरुआती दौर में है लेकिन निवेशकों का भरोसा इसमें साफ दिख रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि इस स्टार्टअप ने करीब 100 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है। इतनी बड़ी फंडिंग इस बात का संकेत है कि बाजार में इस कंपनी के आइडिया और टेक्नोलॉजी को लेकर काफी उम्मीदें हैं।
एआई टेक्नोलॉजी सबसे गेम चेंजर बन चुकी है। चैटजीपीटी जैसे टूल्स के आने के बाद से ही एआई सेक्टर में जबरदस्त तेजी आई है। ऐसे में पराग अग्रवाल का इस फील्ड में उतरना कोई छोटी बात नहीं है उनका एक्सपीरियंस और टेक बैकग्राउंड इस स्टार्टअप को और मजबूत बना सकता है।
Google, Meta और OpenAI ऐसी कंपनियां बनेगी चुनौती बन सकती है हालांकि अभी कंपनी के प्रोडक्ट्स और सर्विसेज के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन जिस तेजी से इसकी वैल्यू बढ़ी है। इससे यह साफ है कि कुछ बड़ा पक रहा है।
पराग अग्रवाल की यह कहानी एक स्टार्टअप की सफलता नहीं है बल्कि एक मजबूत कमबैक की मिसाल भी है। जहां एक ओर उन्हें एक बड़ी कंपनी ने हटाया गया। दूसरी ओर उन्होंने अपनी नई शुरुआत से यह दिखा दिया कि टेक दुनिया में मौके खत्म नहीं होते।
अब सभी की नजर इस समय इस नजर पर हैं। उनकी यह कंपनी आगे क्या नया करती है। क्या सच में यह एआई दुनिया की दुनिया में कोई बड़ा बदलाव ला पाएगी। फिलहाल इतनी जरुर है कि पराग अग्रवाल ने एक बार फिर खुद को सुर्खियों में ला लिया है।
