अमृतसरः जालंधर बम विस्फोट और अमृतसर के खासा आर्मी कैंप के बाहर हुए धमाकों के मामले में पंजाब पुलिस, केंद्रीय एजेंसियां और फोरेंसिक टीमें लगातार सुराग जुटाने में लगी हैं। जांच एजेंसियों ने अब तक 720 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल ली है जबकि 120 लोगों को पूछताछ और जांच के दायरे में शामिल किया गया है। खासा स्थित बीएसएफ कैंप के बाहर हुए ब्लास्ट मामले में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। घटनास्थल के आसपास लगे 120 से ज्यादा कैमरों की फुटेज में कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं। खासा आर्मी कैंप के बाहर मंगलवार देर रात हुए आईईडी धमाके मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
हालांकि वीरवार को दोनों से औपचारिक पूछताछ नहीं हो सकी। सूत्रों के अनुसार वीवीआईपी मूवमेंट के चलते पुलिस पूरे दिन व्यस्त रही। बताया जा रहा है कि संदिग्धों के परिजनों ने जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें शुक्रवार सुबह दोबारा पेश कराने का भरोसा दिया है। जांच में सामने आया है कि दोनों युवक धमाके से कुछ देर पहले रात करीब साढ़े दस बजे से 10:45 बजे तक खासा आर्मी कैंप के आसपास घूम रहे थे। इसके करीब 15 मिनट बाद रात 11 बजे धमाका हुआ था।
पुलिस दोनों संदिग्धों से जुड़े अन्य सुराग जुटाने में लगी है। पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों की मदद से आरोपियों की पहचान और गतिविधियों की जांच की जा रही है। फोरेंसिक टीमों ने मौके से विस्फोटक सामग्री के अवशेष जुटाए हैं। शुरुआती जांच में कम तीव्रता वाले विस्फोटक के इस्तेमाल की संभावना जताई गई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि धमाके का मकसद केवल दहशत फैलाना था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है।
जालंधर विस्फोट मामले में पुलिस की जांच फगवाड़ा तक पहुंच चुकी है। शहर के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट, मुख्य चौकों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस ने मोबाइल टॉवर डंप उठाकर संदिग्ध नंबरों की भी जांच शुरू कर दी है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों को भी खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपियों ने वारदात से पहले इलाके की रेकी की थी। सूत्रों के मुताबिक अब तक करीब 600 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है जबकि 120 लोगों को पूछताछ और जांच के दायरे में शामिल किया गया है। पुलिस की जांच फगवाड़ा तक जा पहुंची है।
