लुधियानाः न्यू एगर नगर इलाके में देर रात घरेलू विवाद में गोलियां चलने की घटना सामने आई है। जहां रिटायर्ड हवलदार पिता ने अपने इकलौते बेटे पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद पिता ने घर लौटकर जहर (सल्फास) खा लिया, जिससे उसकी भी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घर में दूसरी शादी को लेकर पिता और पुत्र के बीच विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पिता ने अपनी लाइसेंसी 12 बोर की दोनाली बंदूक निकाल ली।
पिता ने पहली गोली घर के अंदर चलाई जिससे बेटा बाल-बाल बचा और जान बचाने के लिए बाहर की तरफ भागा। गुरशरण सिंह बेटा करीब 500 मीटर तक गली में भागता रहा। चश्मदीदों के मुताबिक वह भागते हुए चिल्ला रहा था बचाओ मेरे पिता मुझे जान से मार देंगे, वो गोली मार रहे हैं। पीछे से आ रहे पिता ने पीछा कर उस पर दो और गोलियां दागीं। गोलियां लगते ही बेटा खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर गया।
बेटे को मौत के घाट उतारने के बाद आरोपी पिता वापस घर पहुंचा। वहां उसने रात का खाना खाया और महज 10 मिनट के भीतर सल्फास की गोलियां निगल लीं। जब मोहला निवासीयो ने पुलिस को सूचना दी और दोनों को अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक बेटे की पहचान एक ड्राइवर के रूप में हुई है। पुलिस जांच और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, परिवार में पिछले 3 साल से काफी झगड़ा चल रहा था। अफेयर और शादी की जिद मृतक पिता पिछले 3 साल से किसी महिला के संपर्क में था और दूसरी शादी करना चाहता था,जिसका बेटा कड़ा विरोध कर रहे थे।
आरोपी पिता फ़ौज से करीब 40 साल पहले हवलदार के पद से रिटायर्ड हुए थे और वर्तमान में एक प्राइवेट बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे। सीस्टर विदेश में मृतक की दो बहनें हैं जिनमें से एक इंग्लैंड (पुष्पिंदर) और दूसरी कनाडा (हरप्रीत कौर) में रहती है। बताया जा रहा है कि करीब 5 साल पहले उनकी माता का देहांत हो गया था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लाइसेंसी हथियार को कब्जे में ले लिया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि क्या इस खूनी संघर्ष के पीछे कुछ और भी कारण थे।
