मानसाः परविंदर झोटा का अभी तक अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। वहीं आज इंसाफ कमेटी और एसआईटी के बीच मांगो को लेकर मीटिंग हुई। दरअसल, सरकार की ओर से मामले में तालमेल बिठाने और बातचीत के लिए गठित तीन सदस्यीय आईएएस अधिकारियों की विशेष जांच टीम के साथ स्थानीय जिला परिषद हॉल में तीसरी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बठिंडा रेंज के DIG हरजीत सिंह और आईएएस अधिकारी अपनीत रियायत विशेष रूप से मौजूद रहे।
वहीं परविंदर सिंह झोटा मामले में परिवार और इंसाफ कमेटी की सभी मांगें पंजाब सरकार ने मान ली है। कमेटी की ओर से कहा गया है कि पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार को लेकर अब परिवार और इंसाफ कमेटी फैसला लेगी। जिसके बाद मामले की जानकारी देते हुए IAS अधिकारी अपनीत रियायत ने बताया कि परिवार द्वारा कुछ मांगे रखी गई थी। उन्होंने कहाकि इस मामले को लके इंसाफ कमेटी को लिखित पत्र भी सौंपा है।
बैठक में सबसे अहम सहमति परविंदर सिंह झोटा के नाम पर ट्रॉमा सेंटर बनाने और सरकारी जगह पर उनकी प्रतिमा स्थापित करने को लेकर बनी है। इसके अलावा झोटा और उनके साथियों के खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने पर भी सहमति जताई गई है। वहीं झोटा के नाम पर बूत बनाने को लेकर सहमति बनी है। पंजाब सरकार घायलों का इलाज सरकारी खर्च पर करवाएगी।
इसके साथ ही प्रत्येक घायल को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी है। इसके अलावा झोटा के परिवार को सुरक्षा मुहैया करवाने पर भी सहमति बनी है, पंजाब सरकार के पोस्टर फाड़ने के आरोप में युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने के संबंध में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इन सभी बिंदुओं को लेकर जांच टीम ने एक्शन कमेटी से लिखित में देने का आग्रह किया है, ताकि बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। परिवार और कमेटी के फैसले के बाद ही इस मामले में अगला कदम उठाया जाएगा।