फिरोजपुरः त्यौहारी सीजन शुरू होते ही सेहत विभाग की टीम भी एक्शन मोड में आ गई। लगातार सेहत विभाग की टीम द्वारा मिठाई की दुकानों पर दबिश दी जा रही है। इस दौरान सेहत विभाग की टीम द्वारा भारी मात्रा में मिठाईयां, पनीर सहित अन्य खाद्य पदार्थ नष्ट किया जा रहा है। वहीं आज सेहत विभाग की टीम ने पंजे के में बत्रा स्वीट की दुकान का निरीक्षण किया। जहां जांच के दौरान, मिठाइयों की तैयारी और भंडारण में कई गंभीर अनियमितताएं देखी गईं। सेहत विभाग के अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान, फफूंद से संक्रमित कीड़े पाए गए, जो खाने-पीने के लिए अनुचित स्थिति में थे।
मौके पर ही एक्सपायर हो चुके दूध के पाउडर से दूध तैयार किया जा रहा था, जिसका इस्तेमाल मिठाई बनाने के लिए किया जा रहा था। ऐसे में सेहत विभाग की टीम ने 455 किलो मिठाई बरामद की गई, जो गैर-बिक्री के कारण संग्रहीत की गई थी और दिवाली के त्योहार के दौरान उपयोग किए जाने की संभावना थी। मिठाई से बदबू आ रही थी और इसे अनुपयुक्त परिस्थितियों में रखा गया था। विभाग द्वारा इसे जब्त कर नष्ट कर दिया गया। गंदगी और जंग लगे बर्तन मिठाइयों की स्टोरेज के लिए उपयोग किए जा रहे थे। इन बर्तनों में चम्मच और अन्य मिठाइयां पाई गईं।
वहां पर साफ-सफाई और साफ-सफाई ठीक नहीं थी। ऐसे में मौके से 15-15 किलो की कुल 26 डिब्बे बरामद किए गए। जिनकी जांच की गई और आवश्यक विभागीय कार्रवाई की गई। वहीं रक्षा बंधन के त्योहार के दौरान तैयार खोया भी मौके से बरामद किया गया था, जिसके लिए विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की गई थी। इसी के साथ एक्सपायर हो चुके दूध पाउडर के 25 पैकेटों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया ताकि उनका उपयोग खाद्य पदार्थ बनाने के लिए न किया जा सके।
ऐसे में मौके पर मौजूद दुकानदारों और संबंधित अध्यक्षों को खाद्य सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया और निर्देश दिया गया कि मिठाइयों को स्वच्छ वातावरण में तैयार किया जाना चाहिए, केवल ताजा सामान बेचा जाना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में समाप्त हो चुकी सामग्री का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। सेहत विभाग अधिकारी ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जा सकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकानदारों से अपील की है कि वे त्योहारों के दौरान अधिक बिक्री के लालच में पुरानी, क्षतिग्रस्त या समाप्त हो चुकी सामग्री से मिठाई न बनाएं। खाद्य पदार्थों की स्वच्छता, गुणवत्ता और उचित भंडारण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुसार लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।