लुधियानाः हेल्थ डिपार्टमेंट का फूड सेफ्टी विंग लोगों को साफ, सुरक्षित और अच्छी क्वालिटी का खाना-पीना देने के लिए जिले भर में लगातार जांच अभियान चला रहा है। इसी सिलसिले में सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर की लीडरशिप में फूड सेफ्टी टीम ने कैलाश नगर में एक देसी घी फैक्टरी पर छापा मारा और वहां तैयार और स्टोर किए जा रहे प्रोडक्ट्स की डिटेल में जांच की।
जांच के दौरान टीम को फैक्टरी से दयाल, सरताज और डेयरी फार्म ब्रांड का 135 kg देसी घी और 3,405 kg खुला देसी घी बरामद हुआ। इसके अलावा कुल 4,215 kg संदिग्ध देसी घी जब्त किया गया। इसके साथ ही, 675 kg एक्सपायर देसी घी की पहचान करके उसे नियमों के मुताबिक ज़ब्त कर लिया गया, ताकि यह प्रोडक्ट बाजार में न पहुंच सके और लोगों की सेहत के लिए खतरा न बने। टीम ने फैक्टरी में मौजूद प्रोडक्ट की पैकेजिंग, लेबलिंग, एक्सपायरी और स्टोरेज के इंतजाम की भी जांच की। इसके अलावा दूसरे गोदाम रोहित ट्रेडर से घी के पांच और सरसों के तेल का एक सैंपल लेकर जांच के लिए सरकारी लैब में भेजा गया है। इन सैंपल की जांच से प्रोडक्ट में मिलावट, क्वालिटी, शुद्धता और सुरक्षा के बारे में तय स्टैंडर्ड की जांच की जाएगी।
लैब की रिपोर्ट मिलने के बाद अगर कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो फूड सेफ्टी एक्ट के मुताबिक संबंधित फर्म या जिम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ बनती कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर ने कहा कि लोगों की सेहत के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि डिपार्टमेंट की टीमें रेगुलर तौर पर प्रोडक्शन यूनिट्स, गोदामों, दुकानों और मार्केट्स का इंस्पेक्शन कर रही हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या ऑर्गनाइज़ेशन को बख्शा नहीं जाएगा।
सिविल सर्जन ने लोगों से भी अपील की कि वे खाने की चीजें खरीदते समय उनकी एक्सपायरी डेट, पैकेजिंग, बैच नंबर, लेबल और क्वालिटी की जानकारी जरूर चेक करें। उन्होंने कहा कि अगर किसी दुकान, फैक्टरी या दूसरी जगह पर मिलावटी, एक्सपायर हो चुके या शक वाले खाने की चीजें मिलती हैं, तो तुरंत हेल्थ डिपार्टमेंट को इन्फॉर्म करें ताकि समय पर एक्शन लिया जा सके।