चंडीगढ़ः कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में अपने संगठन को मजबूत करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी प्रयास के तहत, पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल 30 जुलाई को चंडीगढ़ पहुंचेंगे। वे 31 जुलाई से 8 अगस्त तक राज्य के 10-दिवसीय दौरे पर रहेंगे। भूपेश बघेल के पास गुटबाजी को खत्म करना बड़ी चुनौती होगा। हालांकि पार्टी के नेता भले ही बार-बार पार्टी में सब ठीक होने की बात कह रहे है, लेकिन अमरिंदर सिंह राजा वडिंग गुट और सासंद चरणजीत सिंह चन्नी गुट अभी भी एक साथ नहीं दिखाई दे रहे।
ऐसे में इस दौरे का मुख्य उद्देश्य पार्टी के अंदर गुटबाजी को खत्म करना और निचले स्तर पर संगठन को सक्रिय करना है। बघेल पंजाब के लगभग सभी जिलों का दौरा करेंगे, जहां वे कांग्रेस के पदाधिकारियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं से सीधा संपर्क करेंगे। बैठकों के दौरान संगठन को मजबूत करने, पार्टी कार्यकर्ताओं के विचार जानने और 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति बनाने पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। पार्टी नेतृत्व का उद्देश्य कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरना और उन्हें एकजुट करना है। यह महत्वपूर्ण दौरा 31 जुलाई को शहीदों की धरती श्री फतेहगढ़ साहिब से शुरू होगा।
राजनीतिक विश्लेषक इस दौरे को कांग्रेस पार्टी की चुनाव तैयारियों में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखते हैं। इस दौरे के माध्यम से भूपेश बघेल पार्टी के आंतरिक मतभेदों को सुलझाने, संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए एक प्रभावी रणनीति बनाने का लक्ष्य रखेंगे। इससे संगठन के अंदर संभावित बदलावों की उम्मीदें जगी हैं।
उल्लेखनीय है कि भूपेश बघेल ने इससे पहले चंडीगढ़ में 6 दिन बिताए थे और पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई बैठकें की थीं। उस दौरान, उन्होंने पार्टी के आंतरिक गुटबाजी और संगठनात्मक मुद्दों के बारे में कांग्रेस हाईकमान को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद, हाईकमान ने पंजाब कांग्रेस की चुनाव समितियों और संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की संभावना को खारिज कर दिया था।

