चंडीगढ़ः कनाडा में भारतीय सहित पंजाबियों छात्रों पर डिपोर्ट होने का खतरा मंडराने लगा है।ऐसे में छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं कुछ छात्रों द्वारा 29 जुलाई से भूख हड़ताल शुरू कर दी गई है। दरअसल, कनाडा में पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के आवेदन खारिज होने के बाद करीब 1000 भारतीय छात्र संकट में हैं। बताया जा रहा हैकि 15 जुलाई 2026 से लागू नए नियमों के तहत इमिग्रेशन कंसल्टेंट्स से जुड़े विवादों में प्रभावित लोगों के लिए मुआवजा फंड का प्रावधान किया गया है। शिकायत और जांच के बाद पात्र मामलों में फंड से भुगतान किया जाएगा। हालांकि, कैलगरी में PGWP रिजेक्शन का सामना कर रहे छात्रों को इस फंड का लाभ मिलेगा या नहीं, यह उनके मामलों की कानूनी स्थिति और जांच पर निर्भर करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियम भविष्य में इमिग्रेशन कंसल्टेंट्स से जुड़े विवादों में छात्रों और उनके परिवारों को अतिरिक्त सुरक्षा देने की दिशा में अहम कदम हैं। ऐसे में छात्र पिछले 3 हफ्ते से अल्बर्टा के कैलगरी में प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों में 500 छात्र पंजाबी हैं। जो बारिश, तेज धूप और खराब मौसम के बावजूद छात्र अल्बर्टा के कैलगरी में सड़कों पर डटे हुए हैं। छात्रों का आरोप है कि जिन नियमों के तहत उन्होंने लाखों रुपए खर्च कर पढ़ाई पूरी की, अब उसी कोर्स को नॉन-क्रेडिबल बताकर वर्क परमिट से इनकार किया जा रहा है। इससे सैकड़ों छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है। इससे कई लड़कियां डिप्रेशन में हैं, सिर पर परिवार का कर्ज है। उन्होंने कनाडा में पढ़ाई की है, इसलिए उन्हें वहां काम करने का मौका मिलना चाहिए।
कनाडा सरकार और अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने कहा कि वह पोर्टेज कॉलेज को सीधे तौर पर फर्जी डिग्री देने वाला संस्थान नहीं कहेंगी, लेकिन उनका मानना है कि संस्थान ने स्थायी निवास (PR) को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर जानकारी दी हो सकती है। उन्होंने कहा कि जिनके पास इंटरनेशनल वीजा, स्टूडेंट वैध स्टेटस या PR नहीं होगा, उन्हें देश छोड़ना होगा। एक छात्रा ने बताया कि वह 10 जुलाई 2024 को पहली बार कनाडा पहुंची थी। उसने पढ़ाई पूरी की और किसी भी सब्जेक्ट में फेल नहीं हुई। कॉलेज ने कहा था कि 15 मई 2024 से पहले रजिस्ट्रेशन कराने वाले छात्र पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के पात्र होंगे।
इसके बावजूद 16 जुलाई 2026 को उसका आवेदन खारिज कर दिया गया। रिजेक्शन में कारण बताया गया कि उसकी कनाडा में एंट्री 23 नवंबर 2025 की दर्ज है। छात्रा का कहना है कि उसके साथ पढ़ने वाली अन्य छात्राओं को वर्क परमिट मिल गया, लेकिन उसका आवेदन अस्वीकार कर दिया गया। कैलगरी के स्थानीय गुरुद्वारा साहिब ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधियों ने छात्रों से अपील की कि वे घबराकर कोई गलत कदम न उठाएं और अपनी परेशानी परिवार से न छिपाएं। कमेटी ने कहा कि गुरु घर के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। जिन छात्रों को राशन, लंगर या रहने की दिक्कत हो, वे निसंकोच गुरुद्वारा आएं। हरसंभव मदद की जाएगी।

