हवलदार ने दिखाई बहादुरी
लुधियाना: शहर के सिविल अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया जब हथियारों से लैस आधा दर्जन युवकों ने इमरजेंसी वार्ड में घुसकर इलाज करवाने आए दो भाइयों और उनके एक दोस्त पर हमला कर दिया। करीब 15 मिनट तक हमलावरों ने अस्पताल परिसर में जमकर हुड़दंग मचाया, जिससे मरीज और अस्पताल स्टाफ सहम गए। हमले में घायलों की पहचान बचित्र सिंह (17) बचित्र का भाई युवराज सिंह (19) और दोस्त जगजोत सिंह सतगुरु नगर, शिमलापुरी निवासी के रूप में हुई। मिली जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत शिमलापुरी इलाके में एक सलून की दुकान से हुई। बताया जा रहा है कि हथियारों से लैस कुछ युवक एक व्यक्ति के पीछे सलून में घुस गए और उस पर हमला करने की कोशिश की।
उक्त युवक किसी तरह जान बचाकर मौके से भाग गया, लेकिन गुस्साए हमलावरों ने सलून के मालिक दो भाइयों पर हमला कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने दुकान में रखे लंगर के लिए इकट्ठा किए गए हजारों रुपये भी गल्ले से लूट लिए व दुकान का सारा समान तोड़फोड़ कर मौके से फरार हो गए। हमले में घायल दोनों भाई अपने परिजनों के साथ इलाज के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि हमलावर उनका पीछा करते हुए कार में सवार होकर अस्पताल तक पहुंच गए और इमरजेंसी वार्ड में घुसकर खुलेआम दात, किरपान और हथौड़ियों से हमला कर दिया। हमले के दौरान इमरजेंसी में स्थित डॉक्टर के कमरे तक हमलावर पहुंच गए, जहां एक युवक पर हमला किया गया और कमरे में खून बिखरा मिला। इस दौरान इमरजेंसी वार्ड का शीशा भी टूट गया और अस्पताल परिसर में खड़ी एक कार का शीशा भी क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना के समय सिविल अस्पताल की पुलिस चौकी में तैनात हवलदार नरिंदर सिंह ने बहादुरी दिखाते हुए स्थिति को संभाला। हवलदार नरिंदर सिंह ने तुरंत थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस को सूचना दी और मौके पर ही एक हमलावर को हिरासत में ले लिया। हालांकि थाना 2 की पुलिस के पहुंचने से पहले बाकी आरोपी छुपते-छुपाते मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। हवलदार नरिंदर की सतर्कता और साहस के कारण एक बड़ी वारदात होने से टल गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में दहशत का माहौल बना रहा। मरीज और उनके परिजन काफी देर तक सहमे रहे, जबकि रात की ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों और स्टाफ में भी सुरक्षा को लेकर चिंता देखी गई। आए दिन अस्पतालों में हो रही मारपीट और हमलों की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
