लुधियानाः मनी लॉड्रिंग के मामले में ईडी की टीम द्वारा पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर सहित उनके करीबियों के के 11 ठिकानों पर दबिश दी। यह छापेमारी नाभा और जालंधर के एक-एक ठिकानों पर, चंडीगढ़ के 2, लुधियाना के 5, पटियाला के 2 ठिकानों पर की गई है। ये तलाशियां आरोपियों, उनके सहयोगियों और संदिग्ध बेनामीदारों से जुड़ी हैं। वहीं लुधियाना के माछीवाड़ा साहिब में ईडी की टीम द्वारा दबिश दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार पूर्व डीआइजी से जुड़े मामले में जांच को आगे बढ़ाते हुए एजेंसी ने करीबी भूपिंदर सिंह राठौर के कार्यालय पर छापेमारी की।

सूत्रों के अनुसार, सुबह के समय 3 गाड़ियों में पहुंची टीम ने माछीवाड़ा स्थित भूपिंदर सिंह के कार्यालय में पहुंचकर जांच शुरू की। टीम ने मौके पर मौजूद लोगों से प्रारंभिक पूछताछ की और भूपिंदर सिंह राठौर को तुरंत मौके पर बुलाया गया। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और जांच में सहयोग करना शुरू किया। भूपिंदर सिंह राष्ट्रीय पार्टी के बीसी विंग के जिला अध्यक्ष भी हैं। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी का मुख्य फोकस प्रॉपर्टी से जुड़े लेन-देन पर है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि भूपिंदर सिंह राठौर और पूर्व डीआइजी हरचरण सिंह भुल्लर के बीच संपत्ति को लेकर किस प्रकार के संबंध रहे हैं और क्या किसी अवैध लेन-देन का हिस्सा यह मामला रहा है।
करीब 4 घंटे से अधिक समय तक चली पूछताछ में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि अभी तक जांच से जुड़ी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि टीम को कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस मामले में हल्का साहनेवाल के गांव बौंकरां और माछीवाड़ा में रेशम नामक व्यक्ति के घरों का भी जिक्र सामने आया है। बताया जा रहा है कि इन स्थानों पर भी संपत्ति से जुड़े लेन-देन की जानकारी मिली है, जिसके चलते संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी इस पूरे मामले में यह जानने की कोशिश कर रही है कि कथित रिश्वतखोरी और संपत्ति के लेन-देन के बीच क्या संबंध है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है। आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
