लुधियानाः पंजाब में अचानक बढ़ी गर्मी ने बिजली व्यवस्था पर सीधा असर डाला है। भीषण लू और तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण बिजली की मांग में तेजी से उछाल दर्ज किया गया है। बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि पहले से तय कार्यक्रम के तहत मरम्मत कार्य चल रहे थे। इसी वजह से कई स्थानों पर नियोजित बिजली कट लगाए गए, जिससे उपभोक्ताओं को कटौती अधिक महसूस हुई। 17 अप्रैल के बाद पैदा हुई स्थिति का यही सबसे बड़ा कारण है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ऐसे नियोजित कट चार घंटे से ज्यादा नहीं होंगे और व्यवस्था को सामान्य रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पंजाब के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने बड़ा दावा किया है। अरोड़ा ने कहा कि सांसद राजेंद्र गुप्ता वापस आ जाएंगे। उन्होंने इस बात का इशारा कर दिया है। अरोड़ा ने कहा कि 68 महीने से मेरी राघव चड्ढा से बात नहीं हुई है। ईडी की रेड पर अरोड़ा ने कहा कि मैं डरा नहीं बल्कि मैंने तो तुरंत इस कार्रवाई के बाद एक्स पर पोस्ट कर यह कहा था कि मैं ईडी को जांच में हर संभव सहयोग दूंगा। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी छोड़कर कहीं नहीं जा रहा हूं, आज भी पंजाब सरकार में मंत्री हूं। मंत्री ने कहा कि कोर्ट में केजरीवाल की बात नहीं मानी गई, तभी उन्होंने यह बयान दिया है कि वे अदालत में नहीं जाएंगे भले ही अदालत उनके पक्ष में या विरोध में फैसला कर सकती है।
विभाग के अनुसार राज्य में करीब 6 हजार करोड़ रुपये की लागत से प्रसारण और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने का काम चल रहा है। लेकिन अचानक बढ़ी मांग के कारण इस काम की गति भी प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत के तौर पर उद्योगों को रात के समय खुले प्रावधान के तहत सीधे बिजली खरीदने की अनुमति दी गई है, ताकि दिन के समय ग्रिड पर लोड कम किया जा सके और आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। विभाग का दावा है कि राज्य में जरूरत के अनुसार बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और प्रदेश अभी भी बिजली के मामले में आत्मनिर्भर स्थिति में है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी तैयारियां पहले से थीं, लेकिन अप्रैल में इतनी अधिक मांग अप्रत्याशित रही। उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे अधिक खपत वाले समय में अनावश्यक बिजली उपकरणों का इस्तेमाल न करें, ताकि सभी को सुचारु रूप से बिजली मिल सके।
