फिरोजपुरः देश भर में जहां होली का त्योहार रंगों के त्योहार के रूप में मनाया जा रहा था, वहीं फिरोजपुर के कर्मा गांव में यह त्योहार रंगों के बजाय खून से मनाया गया। इस अवसर पर गोलियों की आवाज के बजाय, बंदूकें दागी गईं और जुलूस की खुशी मातम में बदल गई। मिली जानकारी के अनुसार गांव में बच्चों के बीच हुए झगड़े में दो लोगों की मौत हो गई है।
पुलिस के मुताबिक, बच्चों की लड़ाई में जब दोनों पक्ष मामला सुलझाने के लिए इकट्ठा हुए तो कहासुनी में दो लोगों की गोलियां लगने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान 45 वर्षीय खिलारा उर्फ मुन्ना (निवासी- गांव कड़मा) और जज सिंह (निवासी- गांव टिब्बी कलां) के रूप में हुई है। घटना का पता चलते ही एसएसपी भूपिंदर सिंह, एसपी डिटेक्टिव मनजीत सिंह, डीएसपी सुखविंदर सिंह अस्पताल पहुंचे और घटना का जायजा लिया। डीएसपी सुखविंदर सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में बच्चों की लड़ाई का मामला बताया जा रहा है।
पुलिस द्वारा मौके पर जाकर जांच की जा रही है और दोनों पक्षों के बयान लेने लिए जा रहे हैं। मृतक खिलारा के दो बेटे और दो बेटियां था। जानकारी मुताबिक उसके खिलाफ करीब 8 आपराधिक मामले दर्ज थे। बताया जा रहा है कि बुधवार शाम को गांव में हुई लड़ाई के सिलसिले में दो गुट इकट्ठे हुए थे और उसी दौरान गोलियां चल गई, जिसमें खिलारा की मौत हो गई। वहीं दूसरे पक्ष ने झगड़े में जज सिंह को मार दिया। फिलहाल घटना की जांच जारी है।
